फरीदाबाद/सीकरी – sanatan hindu ekta padyatra दिल्ली से वृंदावन तक जाने वाली यात्रा तीसरे दिन सीकरी के एक मैदान में विराम हुआ फरीदाबाद से सीकरी के बीच 10 लाख लोग यात्रा को निहारते रहें बागेश्वर धाम सरकार की सनातन एकता पदयात्रा का तीसरा दिन लोगों के लिए एकता और भाईचारे की मिसाल बन गया। इस दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला जब मुस्लिम समाज के लोग तिरंगा झंडा लेकर बागेश्वर महाराज का स्वागत करने पहुंचे। फैज खान के नेतृत्व में आए इन मुस्लिम सदस्यों ने महाराज श्री को भगवान बांके बिहारी की तस्वीर भेंट कर अभिनंदन किया।
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तिरंगा और भगवा के संग एकता का संदेश
फरीदाबाद के NH पर स्थित JCB चौक पर मुस्लिम समाज के लोग हाथों में तिरंगा लिए बागेश्वर महाराज की प्रतीक्षा कर रहे थे। जैसे ही महाराज श्री वहां पहुंचे, फैज खान सहित कई मुस्लिम भाइयों ने उन्हें भगवा टोपी पहनाकर सम्मानित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों समुदायों के लोगों ने साथ में सेल्फी ली और समूह फोटो भी खिंचवाई। sanatan hindu ekta padyatra
इस नजारे को देखकर हर कोई कह उठा — “यही है भारत की असली तस्वीर, जहां धर्म से पहले इंसानियत और एकता की भावना है।”
महाराज श्री ने कहा — “जात-पात से ऊपर उठकर हिंदू एक हों”
तीसरे दिन की यात्रा में बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लगातार सनातनियों से मिलते और आशीर्वाद देते रहे। उन्होंने कहा कि “अगर हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करना है, तो हमें जात-पात और भेदभाव की दीवारें तोड़नी होंगी। जब तक सभी हिंदू एकजुट नहीं होंगे, तब तक भारत विश्वगुरु नहीं बन पाएगा।” sanatan hindu ekta padyatra
बागेश्वर महाराज के साथ इस यात्रा में अयोध्या के महंत राजू दास, बद्रीनाथ के पूज्य बालक योगेश्वर दास महाराज और शनि धाम के दाती महाराज भी मौजूद रहे। इस दिन सुबह से ही अनिरुद्धाचार्य महाराज ने यात्रा में शामिल होकर भगवा ध्वज लहराया, जिससे माहौल और भी ऊर्जावान हो गया। sanatan hindu ekta padyatra
राष्ट्रगान और सात शपथ के साथ शुरू हुई यात्रा
तीसरे दिन की यात्रा की शुरुआत राष्ट्रगान और सात शपथों के साथ हुई। यात्रा आगे बढ़ी तो सड़क के दोनों ओर लाखों लोग महाराज जी की एक झलक पाने को बेताब दिखाई दिए। जैसे ही किसी को महाराज श्री की ओर से बुलावा मिलता, वह खुद को सौभाग्यशाली मानकर उनके चरणों में झुक जाता। sanatan hindu ekta padyatra
भीड़ में शामिल हर व्यक्ति की आंखों में एक ही चमक थी — “बाबा बागेश्वर के दर्शन का सौभाग्य।”
दिव्यांग भक्त बने प्रेरणा
यात्रा में ऐसे भी लोग नजर आए जिनके शरीर के कुछ अंग नहीं हैं, लेकिन उनके हौसले आसमान छू रहे थे। बुलंदशहर के मान सिंह, जिन्होंने 20 साल पहले एक हादसे में अपना पैर खो दिया था, हर पदयात्रा में शामिल होते हैं। इसी तरह चतुर्भुज नामक 60 वर्षीय व्यक्ति, जिनका दाहिना हाथ नहीं है, फिर भी वे यात्रा का हिस्सा बने। sanatan hindu ekta padyatra
इन दिव्यांग यात्रियों को देखकर लोगों ने कहा — “अगर इनमें इतनी शक्ति है, तो हम क्यों नहीं निकल सकते सनातन के लिए।”
पेड़ पर चढ़ा युवक, महाराज ने बुलाकर दिया आशीर्वाद
एक युवक आगरा से महाराज श्री की झलक पाने आया था। भीड़ इतनी थी कि वह करीब 20 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। महाराज ने जैसे ही उसे देखा, उन्होंने वहीं रुककर उसे नीचे उतरवाया और आशीर्वाद दिया। साथ ही सभी भक्तों से कहा —
“कृपया कोई भी व्यक्ति इस तरह का जोखिम न उठाए। मैं सभी से मिलने खुद आगे बढ़ता रहूंगा।”
सेना और किसानों के सम्मान की बात
महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस दौरान कहा कि देश के असली हीरो किसान और जवान हैं। उन्होंने कहा —
“सीमा पर जवान और खेत में किसान — यही दो असली नायक हैं। इनके बिना न देश की रक्षा संभव है, न अन्न की आपूर्ति।”
उन्होंने सभी से अपील की कि लोग सेना के लिए सहयोग दें, ताकि देश की सैन्य शक्ति और मजबूत हो सके।
यात्रा में भोजन व्यवस्था और मिठाई का स्वाद
बागेश्वर धाम सरकार की पदयात्रा में भक्तों के भोजन का विशेष ध्यान रखा गया। रोजाना दाल-चावल, रोटी-सब्जी के साथ छेना रसगुल्ला और खोया जलेबी भी परोसी गई। sanatan hindu ekta padyatra
दूसरे दिन दोपहर में छेना रसगुल्ला, और शाम को खोए की जलेबी दी गई, जिसके लिए 20 कुंतल खोया जबलपुर से मंगवाया गया।
51 बुलडोजरों से पुष्प वर्षा
तीसरे दिन की यात्रा के दौरान एक अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला जब 51 जेसीबी मशीनों से पुष्प वर्षा की गई। लगभग 500 मीटर की दूरी तक सिर्फ बुलडोजर ही नजर आ रहे थे, जिनसे फूलों की वर्षा कर सनातनियों का भव्य स्वागत किया गया।
“रावण ने कहा जय श्रीराम” — महाराज जी की चुटकी
यात्रा में एक युवक रावण की पोशाक पहनकर शामिल हुआ और “जय श्रीराम” के नारे लगाने लगा। महाराज जी ने मुस्कुराते हुए कहा —
“जब रावण भी जय श्रीराम कहने लगे, तो समझ लीजिए हिंदू राष्ट्र बनने में अब ज्यादा देर नहीं।”
भीड़ ने इस पर जोरदार जयकारा लगाया — “जय श्रीराम!”
ग्रामीणों ने भी दिखाई आस्था, गांवों में लगी तालाबंदी
इस यात्रा को देखने के लिए केवल शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी हजारों लोग पहुंचे। कई गांवों में लोग घरों में तालाबंदी कर परिवार सहित बल्लभगढ़ आ गए ताकि महाराज श्री की एक झलक पा सकें।
दिलचस्प बात यह रही कि कई लोग 4 घंटे तक खड़े रहने के बाद भी महाराज श्री के दर्शन नहीं कर सके, क्योंकि भीड़ अभूतपूर्व थी।
मीना नाम की महिला ने बताया —
“हम सुबह 10 बजे से खड़े थे। जैसे ही महाराज आए, भीड़ ने धक्का दिया और हम पीछे रह गए। जब तक संभले, यात्रा आगे निकल चुकी थी।” sanatan hindu ekta padyatra
एकता, आस्था और समर्पण की मिसाल
तीसरे दिन की पदयात्रा ने एक बात साफ कर दी — कि सनातन का संदेश केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एकता और मानवता की भावना का प्रतीक है। sanatan hindu ekta padyatra
बागेश्वर धाम सरकार का यह प्रयास न केवल सनातनियों को जोड़ रहा है बल्कि अन्य धर्मों के लोगों को भी प्रेरित कर रहा है कि सद्भाव ही असली राष्ट्रभक्ति है।
यात्रा अब आगे सीकरी से आगरा की ओर बढ़ रही है, जहां और भी अधिक संख्या में भक्तों के जुटने की उम्मीद है।
बागेश्वर धाम सरकार की पदयात्रा न केवल धार्मिक जागरण का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, समरसता और सद्भाव का संदेश भी दे रही है। मुस्लिम समाज द्वारा बांके बिहारी की तस्वीर भेंट करना इस बात का प्रमाण है कि भारत की आत्मा उसकी विविधता और एकता में बसती है। sanatan hindu ekta padyatra
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