फरीदाबाद/दिल्ली। Sanatan Hindu Ekta Padyatra सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में इन दिनों जो नज़ारे देखने को मिल रहे हैं, वो अपने आप में इतिहास रच रहे हैं। इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिनका हर कदम लाखों लोगों के दिलों में भक्ति की ज्योति जला रहा है।
Table of Contents
यात्रा के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बागेश्वर धाम सरकार एक बुजुर्ग श्रद्धालु के साथ तालियां बजाकर थिरकते नज़र आ रहे हैं। बुजुर्ग का उत्साह देखकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी अपने आप को रोक नहीं पाए और उनके साथ नाचने लगे। इस मस्ती भरे पल ने भीड़ के चेहरों पर मुस्कान ला दी।
मेहनत, समर्पण और पुरुषार्थ ही है सनातन की रक्षा का मार्ग: बागेश्वर महाराज
7 नवंबर से दिल्ली से शुरू हुई यह पदयात्रा अब लाखों श्रद्धालुओं के आस्था अभियान में बदल गई है। फरीदाबाद में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बागेश्वर धाम सरकार ने कहा, Sanatan Hindu Ekta Padyatra
“यह पदयात्रा केवल कदमों की यात्रा नहीं, बल्कि सनातन धर्म की आत्मा को जागृत करने का संकल्प है। हमारी मेहनत, समर्पण और पुरुषार्थ ही आने वाली पीढ़ियों को अंधकार से बचाएगा।” Sanatan Hindu Ekta Padyatra
उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह सेना वतन के लिए कार्य करती है, उसी तरह सनातन प्रेमियों को धर्म के लिए समर्पित रहना चाहिए। यात्रा के दौरान बागेश्वर सरकार ने कहा,
“राम जी का मिलन त्रेता में हुआ, श्याम जी का द्वापर में और अब कलयुग में हनुमान जी का मिलन हम सबके साथ इस पदयात्रा में हो रहा है।”
![]()
घायलों के ‘डॉक्टर’ बने बागेश्वर महाराज
पदयात्रा में जहां भीड़ का सैलाब उमड़ा, वहीं कई बार श्रद्धालु भीड़ में चोटिल भी हो गए। किसी का पैर कुचल गया, तो कोई गिर गया — लेकिन जैसे ही महाराज को इसकी जानकारी मिली, वे स्वयं वहां पहुंचे। Sanatan Hindu Ekta Padyatra
उन्होंने अपने हाथों से घायलों के पैर पर मरहम लगाया, पट्टी बांधी और उन्हें आशीर्वाद दिया। छतरपुर के करन कुशवाहा को चोट लगी थी, बागेश्वर महाराज ने खुद उसके पैर पर दवा लगाई। यह देखकर कई भक्तों की आंखें नम हो गईं।
लोगों ने कहा —
“यह सिर्फ संत नहीं, बल्कि बालाजी के रूप में सबका दुख हरने आए हैं।”
कलियुग के श्रवण कुमार – मां को कंधों पर बैठाकर लाए बेटे
बदायूं जिले के तेजपाल और धीरज नाम के दो भाइयों ने सबका दिल जीत लिया। उनकी मां राजेश्वरी देवी पैरों से चल नहीं सकतीं, लेकिन उनकी इच्छा थी कि वे बागेश्वर महाराज की पदयात्रा में शामिल हों।
दोनों बेटों ने अपनी मां को कावड़ की तरह एक विशेष झूले में बैठाया और खुद कंधे पर उठाकर यात्रा में चल पड़े। लोगों ने इन्हें “कलियुग के श्रवण कुमार” कहा। महाराज धीरेंद्र शास्त्री को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत उन्हें बुलवाकर आशीर्वाद दिया।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
10 साल का बालक रूद्र – दंड भरकर चल रहा है यात्रा में
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का 10 वर्षीय रूद्र सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में दंड भरते हुए शामिल हुआ। उसके पिता ने बताया कि वह तीन साल की उम्र से ही दंड का अभ्यास करता आ रहा है।
महाराज श्री ने उसे देखकर बेहद प्रसन्नता जताई और कहा,
“यह बालक भविष्य में सनातन की सेवा में बड़ा कार्य करेगा।”
5 साल से नहीं कटवाए बाल – व्रत पूरा हुआ पदयात्रा में
मेरठ निवासी विमल शर्मा पिछले 5 साल से अपने बाल नहीं कटवा रहे थे। उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक बागेश्वर महाराज के दर्शन नहीं होंगे, तब तक वे बाल नहीं कटवाएंगे।
पदयात्रा में जब उन्हें बागेश्वर महाराज के दर्शन हुए, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। विमल बोले,
“अब जीवन सफल हो गया, आज मेरा पांच साल पुराना व्रत पूरा हुआ।”
सेलिब्रिटीज़ भी हुए शामिल – शिखर धवन, उमेश यादव और महाबली खली ने जताई श्रद्धा
यात्रा के दूसरे दिन कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हुईं। भारतीय टीम के क्रिकेटर शिखर धवन और उमेश यादव, तथा पहलवान महाबली खली ने महाराज श्री से आशीर्वाद लिया।
शिखर धवन ने कहा,
“यह यात्रा सनातन एकता का प्रतीक है। हर हिंदू को इससे जुड़कर एकता का संदेश देना चाहिए।”
महाबली खली ने भी कहा कि “बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद ही असली ताकत है।”
नेपाल से आई 70 वर्षीय भक्त — फिर से हिंदू राष्ट्र का सपना
नेपाल की 70 वर्षीय ईसुरी देवी महतो भी यात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने कहा,
“पहले नेपाल हिंदू राष्ट्र था, लेकिन षड्यंत्रों से उसे समाप्त कर दिया गया। अब हर नेपाली चाहता है कि उसका देश फिर से हिंदू राष्ट्र बने।”
उनकी बात सुनकर हजारों भक्तों ने “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा माहौल गूंजा दिया।
महाराज श्री के दर्शन को तरस रहे लोग, हर कोई ले रहा सेल्फी
यात्रा के दौरान जब भी बागेश्वर महाराज भक्तों के बीच पहुंचे, हर कोई उनके साथ मिलने और फोटो खिंचवाने को आतुर दिखा। महाराज भी प्रेमपूर्वक सबका हालचाल पूछते रहे।
एक भक्त ने कहा,
“महाराज से मिलना मानो भगवान से मिलने जैसा है। उनके चेहरे की मुस्कान में ही सुकून है।”
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लिया आशीर्वाद
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी पदयात्रा में शामिल होकर बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया।
उन्होंने कहा,
“बागेश्वर धाम सरकार का यह प्रयास समाज को एकजुट करने वाला है। धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए यह यात्रा प्रेरणास्रोत है।”
महाराज श्री ने भी उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर धर्म की सेवा ही सबसे बड़ा कर्तव्य है।
आस्था का महासागर – जब तन थकता है, मन भक्ति में डूब जाता है
पदयात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं का जनसैलाब भी बढ़ता जा रहा है। रास्ते में जहां भी बागेश्वर धाम सरकार पहुंचते हैं, वहां पुष्पवर्षा होती है, लोग आरती उतारते हैं और ‘जय श्रीराम’ के नारों से आसमान गूंज उठता है।
यह यात्रा आज केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह सनातन की एकता, प्रेम और भक्ति का जीवंत प्रमाण बन चुकी है।
सच में, यह पदयात्रा केवल रास्तों पर नहीं, दिलों में चल रही है।
जहां शरीर रुकता है, वहां से आत्मा चल पड़ती है — सनातन की राह पर।