भोपाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ( Indian Railways Project mp ) अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस बैठक में मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों — मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में रेलवे की चार मल्टी-ट्रेकिंग (पटरियों की संख्या बढ़ाने) वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
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यह फैसला भारतीय रेलवे के नेटवर्क को और मजबूत करेगा और देश के औद्योगिक व लॉजिस्टिक ढांचे को नई गति देगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वीकृत इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹24,634 करोड़ है और इन्हें 2030-31 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। ( Indian Railways Project mp )
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार
मध्यप्रदेश को मिली इस बड़ी सौगात पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि—
“प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का रेल नेटवर्क नए युग में प्रवेश कर रहा है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में भी तेजी आएगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि ये सभी परियोजनाएं पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत स्वीकृत की गई हैं, जिसका उद्देश्य देशभर में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। ( Indian Railways Project mp )
मध्यप्रदेश को मिलेगी नई रेल लाइन क्षमता, बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मध्यप्रदेश के लिए सबसे बड़ी परियोजना है — 237 किलोमीटर लंबी इटारसी–भोपाल–बीना चौथी लाइन, जिसे मंजूरी मिल गई है।
इससे प्रदेश की राजधानी भोपाल और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच माल ढुलाई व यात्रियों की आवाजाही दोनों में बड़ा सुधार होगा।
इसके अलावा, गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बढ़ोदरा–रतलाम तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी मिली है।
इस परियोजना से पश्चिमी भारत के प्रमुख औद्योगिक इलाकों के बीच माल परिवहन और तेज होगा।
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महाराष्ट्र में वर्धा–भुसावल के बीच 314 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन, जबकि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच 84 किलोमीटर लंबी गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी लाइन को भी स्वीकृति दी गई है। ( Indian Railways Project mp )
18 जिलों और 85 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
इन चारों परियोजनाओं से कुल 18 जिलों के करीब 3,633 गांवों के लोग सीधे लाभान्वित होंगे।
इन गांवों की आबादी लगभग 85 लाख 84 हजार है। ( Indian Railways Project mp )
मध्यप्रदेश के विदिशा और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जैसे दो आकांक्षी जिलों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।
इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। ( Indian Railways Project mp )
पर्यटन और पर्यावरण को भी मिलेगा बढ़ावा
मध्यप्रदेश की रेलवे परियोजना का एक बड़ा फायदा राज्य के पर्यटन स्थलों को भी मिलेगा।
रेलवे लाइन सांची, सतपुड़ा बाघ अभयारण्य, प्राचीन भीमबेटका शैलाश्रय, हज़ारा जलप्रपात और नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से होकर गुजरेगी। ( Indian Railways Project mp )
इससे देशभर के पर्यटकों को इन जगहों तक पहुंचने में आसानी होगी और पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इसके अलावा, यह रेल मार्ग कोयला, सीमेंट, इस्पात, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न जैसे महत्वपूर्ण सामानों की ढुलाई के लिए भी उपयोगी रहेगा। ( Indian Railways Project mp )
रेलवे की नई मल्टी-ट्रेकिंग क्षमता से हर साल 78 मिलियन टन तक की अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी।
पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद कदम
केंद्रीय सरकार की ये परियोजनाएं न केवल आर्थिक बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी हैं।
रेलवे सबसे ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन माध्यम है।
नई लाइनों के निर्माण से देश की तेल खपत में लगभग 28 करोड़ लीटर की बचत होगी।
साथ ही, इन परियोजनाओं से कार्बन उत्सर्जन में 139 करोड़ किलोग्राम तक की कमी आएगी, जो लगभग 6 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। ( Indian Railways Project mp )
इससे भारत के जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
गति शक्ति योजना के तहत एकीकृत विकास
प्रधानमंत्री मोदी की गति शक्ति योजना के तहत बनाई जा रही ये परियोजनाएं केवल रेलवे नेटवर्क को नहीं, बल्कि सड़क, पोर्ट, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक हब को भी आपस में जोड़ने का काम करेंगी।
इससे देश के विभिन्न हिस्सों में वस्तुओं की आवाजाही तेज और सुगम होगी, जिससे उद्योगों की लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि—
“मल्टी-ट्रेकिंग से रेल परिचालन में सुगमता आएगी, समय की बचत होगी और यात्रियों को निर्बाध यात्रा का अनुभव मिलेगा। इससे प्रदेश का हर नागरिक प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में भागीदार बनेगा।”
रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
रेलवे से जुड़े मेंटेनेंस, लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म सेक्टर में नए अवसर बनेंगे।
युवाओं के लिए स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे।
मुख्यमंत्री यादव ने विश्वास जताया कि—
“मध्यप्रदेश के इन रेल प्रोजेक्ट्स से प्रदेश के लोगों को नई संभावनाएं मिलेंगी। यह सिर्फ रेल लाइन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की पटरी है जिस पर प्रदेश तेजी से दौड़ेगा।”
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी से देश के चार बड़े राज्यों में रेलवे विकास को नई दिशा मिली है।
मध्यप्रदेश को मिली इस सौगात से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि उद्योग, पर्यटन और रोजगार में भी तेजी आएगी।
प्रधानमंत्री मोदी की “गति शक्ति” पहल अब जमीनी हकीकत बन रही है — जो देश को एकजुट, मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। ( Indian Railways Project mp )