देवरी नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। जगह-जगह मंदिरों और स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए। नगर के हर कोने में भक्ति की गूंज सुनाई दी और श्रद्धालु पूरे दिन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं में डूबे नजर आए।
प्राइवेट स्कूलों में नन्हे-मुन्नों की झांकियां
देवरी के सनशाइन पब्लिक स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी पर खास कार्यक्रम रखा गया। इस मौके पर 51 सुंदर राधा-कृष्ण झांकियां सजाई गईं। स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान कृष्ण और राधा का रूप धारण कर नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली। यह यात्रा नगर भ्रमण करते हुए वापस स्कूल पहुंची, जहां मंच पर बच्चों ने कृष्ण की लीलाओं का जीवंत मंचन किया। राधा-कृष्ण के भजनों पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
मंदिरों में भक्ति कार्यक्रम और शोभा यात्राएं
देवरी NH-45 स्थित राधा कृष्ण मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी जन्माष्टमी पर भव्य आयोजन हुआ। सुबह से देर रात तक मंदिर में भजन, कीर्तन और विशेष पूजा-पाठ चलता रहा। शाम को विशाल शोभा यात्रा निकाली गई, जो पूरे नगर में भ्रमण करते हुए मंदिर वापस लौटी। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। शोभा यात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में भंडारे और प्रसादी का वितरण किया गया।
इसी तरह श्री राम जानकी मंदिर और ग्राम पंचायत रम्पुरा के पीपल चौक स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी पर रात्रि जागरण और भजन संध्या का आयोजन हुआ। देर रात तक भक्त भक्ति गीतों और झांकियों का आनंद लेते रहे।
भजनों और लीलाओं से गुंजा वातावरण
रात्रि के समय आयोजित भजन संध्याओं में क्षेत्रीय कलाकारों और बच्चों ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और कंस वध की कथा का सुंदर मंचन किया। दर्शकों ने तालियों और जयकारों के बीच इन प्रस्तुतियों का स्वागत किया। कई जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं भी रखी गईं, जिनमें युवाओं ने बड़े उत्साह से भाग लिया।
श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी
जन्माष्टमी पर पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल रहा। लोग सुबह से ही मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे और देर रात तक भक्ति में डूबे रहे। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस पर्व का हिस्सा बने। जगह-जगह मटकी सजाई गईं और कृष्ण-राधा की झांकियों को देखने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।