रायसेन, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रायसेन जिले में इस बार कुछ खास नज़ारा देखने को मिला। जिले के प्रभारी मंत्री और मछुआ कल्याण व मत्स्य विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने औपचारिक कार्यक्रमों के बाद बच्चों के बीच समय बिताया। वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रायसेन पहुंचे, जहां उन्होंने छात्राओं के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया और उनके साथ खुलकर बातचीत भी की।
बच्चों से सीधा संवाद
भोजन शुरू करने से पहले मंत्री पंवार ने छात्राओं से उनके स्कूल, पढ़ाई, खेलकूद और अन्य गतिविधियों के बारे में पूछा। उन्होंने यह भी जाना कि छात्राओं को मध्यान्ह भोजन कैसा लगता है और क्या उन्हें सभी ज़रूरी सुविधाएं मिल रही हैं। बातचीत के दौरान बच्चियां भी खुलकर अपनी बातें साझा करती नज़र आईं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भोजपुर विधायक सुरेन्द्र पटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डे, जिला पंचायत सीईओ अंजू पवन भदौरिया और अपर कलेक्टर मनोज कुमार उपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। सभी ने छात्राओं के साथ बैठकर एक साथ मध्यान्ह भोजन किया।
सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि अपनापन
यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि इसमें अपनापन साफ झलक रहा था। छात्राओं ने अपने बीच जिले के बड़े नेताओं और अधिकारियों को पाकर खुशी जताई। कई बच्चियों ने बताया कि यह उनके लिए यादगार पल है, जब मंत्री और अधिकारी उनके साथ एक ही पंक्ति में बैठकर खाना खा रहे थे।
शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा
भोजन के बाद प्रभारी मंत्री पंवार ने स्कूल के शिक्षकों और प्रिंसिपल से शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्राओं की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए और स्कूल में सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
स्वतंत्रता दिवस पर खास पहल
आमतौर पर स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने और परेड कार्यक्रम के बाद अधिकारी अपने-अपने कार्यक्रमों में व्यस्त हो जाते हैं, लेकिन इस बार प्रभारी मंत्री का यह कदम अलग और प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य हमारे बच्चे हैं और उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान देना ही असली देशभक्ति है।
छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान
जब भोजन शुरू हुआ, तो मंत्री, विधायक और अधिकारी सब एक ही कतार में बैठकर थाली में परोसा गया खाना खाने लगे। इस दौरान हंसी-मज़ाक और हल्की-फुल्की बातें भी हुईं। छात्राओं के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।