रायसेन। रायसेन जिले के गैरतगंज के ग्राम महलपुरपाठा में इस बार श्रीकृष्ण भक्ति का खास रंग देखने को मिलेगा। 16 अगस्त 2025, शनिवार को यहां “श्रीकृष्ण पर्व” के तहत हलधर महोत्सव और लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से श्रीराधा-कृष्ण मंदिर परिसर में शुरू होगा।
गांव के लोग और आसपास के इलाकों से आने वाले भक्त इस दिन भक्ति, लोककला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रंग में डूब जाएंगे। आयोजन में श्रीकृष्ण की लीलाओं और हलधर महोत्सव के महत्व को जीवंत किया जाएगा, जिससे माहौल पूरी तरह भक्ति से सराबोर हो जाएगा।
भक्ति गीतों और लोकनृत्य का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति गीतों से होगी, जहां कलाकार अपने मधुर सुरों से ऐसा वातावरण बनाएंगे कि श्रद्धालु भक्ति की गंगा में डूब जाएं। मंच पर सागर के कडोरी प्रजापति और उनका ग्रुप बधाई और बरेदी लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति देंगे। इन लोकनृत्यों में मालवा और बुंदेलखंड की पारंपरिक झलक दिखेगी, जो दर्शकों को अपनी संस्कृति से जोड़ देगी।
लोकनृत्य के बाद मंच संभालेंगी भोपाल की प्रसिद्ध गायिका वाणी राव और उनके साथी कलाकार। उनका भक्ति गायन दर्शकों को कृष्ण भक्ति के रस में सराबोर कर देगा।
गांव में है खास तैयारियां
ग्राम महलपुरपाठा के श्रीराधा-कृष्ण मंदिर को सजाने-संवारने का काम जोरों पर है। मंदिर परिसर में फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक सजावट की जा रही है। स्थानीय युवाओं और महिला मंडलों ने मिलकर जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए हैं, ताकि आने वाले अतिथियों और श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत हो सके।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यहां इतने बड़े स्तर पर आयोजन पहली बार हो रहा है, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनता है।
हलधर महोत्सव और लीला पुरुषोत्तम का महत्व
हलधर महोत्सव, भगवान बलराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान बलराम को हलधर कहा जाता है, क्योंकि वे हल धारण करते हैं। वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं।
वहीं, लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के अवतार और उनकी अद्भुत लीलाओं की याद में मनाया जाता है। यह दिन भक्तों के लिए बेहद खास होता है, क्योंकि इसमें भगवान की लीलाओं का मंचन, भजन-कीर्तन और लोककला के माध्यम से उनकी महिमा का वर्णन किया जाता है।
पूरे जिले में फैली चर्चा
इस आयोजन की चर्चा पूरे रायसेन जिले और आसपास के गांवों में हो रही है। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ यहां पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें पानी, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गांव के लोग मानते हैं कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस आयोजन को और भी खास बना देगी। यह न केवल भक्ति का महोत्सव होगा, बल्कि लोकसंस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी देगा।
भक्ति, संस्कृति और आस्था का संगम
16 अगस्त को महलपुरपाठा सिर्फ एक गांव नहीं रहेगा, बल्कि भक्ति, संस्कृति और आस्था का संगम बन जाएगा। यहां का हर कोना कृष्ण नाम से गूंजेगा, लोकनृत्य की थाप पर कदम थिरकेंगे और भक्ति गीतों में दिल खो जाएंगे।