देवरी क्षेत्र के ग्राम रम्पुरा में मंगलवार को माहौल तब गरमा गया जब गांव के एक नाबालिग के साथ सौरभ महेश्वरी नामक व्यक्ति ने कथित रूप से मारपीट कर दी। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर भड़क उठा कि उन्होंने सौरभ को पकड़ने पहुंचे पुलिस दल की गाड़ी को ही घेर लिया और मौके पर ही ठोस कार्रवाई की मांग करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप था कि सौरभ महेश्वरी गांव में आए दिन लोगों से विवाद करता है, मारपीट करता है और पैसों के बल पर मामले दबा देता है। कई लोगों का कहना था कि पुलिस भी अक्सर उसकी मदद कर देती है, जिस वजह से वह डरता नहीं है। इस बार लोगों ने तय कर लिया कि अगर इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
घटना का कारण
गांव के लोगों के मुताबिक, सौरभ महेश्वरी के पास रम्पुरा में करीब 22 एकड़ निजी जमीन है, जहां उसने डेढ़ करोड़ की लागत से टीन शेड निर्माण कर रखा है। वह अपने काम में लगा रहता है, लेकिन ग्रामीणों को उसकी जगह पर कोई आपत्ति नहीं है। विवाद तब शुरू होता है जब वह गांववालों के साथ मारपीट करने लगता है।
मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। नाबालिग ने बताया कि वह नर्मदा जी जा रहा था, तभी सौरभ मोटरसाइकिल से आया और उसे अपने यहां काम करने के लिए कहा। बच्चे ने मना कर दिया तो सौरभ ने उसके गाल पर थप्पड़ मार दिया। बच्चे ने घर जाकर यह बात अपने माता-पिता को बताई।
गांव एकजुट होकर पहुंचा विरोध में
इस घटना की खबर फैलते ही पूरा गांव एक साथ इकट्ठा हो गया और सौरभ को ढूंढते हुए उसके खेत तक पहुंच गया, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं था। बाद में जब पुलिस उसे लेने आई, तो महिलाओं ने गाड़ी को रोक लिया और कहा कि इस बार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, वरना आंदोलन होगा।
गांव के लोगों का आरोप है कि सौरभ बार-बार विवाद करता है और हर बार पुलिस की कार्रवाई से बच जाता है। इसी कारण वह बेखौफ है। स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की और समझाइश दी। इसके बाद ही ग्रामीण मानें और थाने जाकर सौरभ महेश्वरी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई।
पहले भी कर चुका है मारपीट
गांववालों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सौरभ ने किसी के साथ मारपीट की हो। कुछ दिन पहले भी उसने गांव के ही प्रेम लोधी के साथ विवाद किया था, जिसके बाद पंचायत बिठाकर मामला निपटाया गया था। उस समय सौरभ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी और दोबारा गलती न करने का वादा किया था।
मगर मंगलवार की घटना ने एक बार फिर ग्रामीणों को नाराज कर दिया। इस बार लोगों ने साफ कहा कि अब माफी से काम नहीं चलेगा, कानून अपना काम करेगा।
बाल मजदूरी पर सवाल
इस मामले ने बाल मजदूरी के मुद्दे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नाबालिग ने खुद बताया कि सौरभ ने उसे काम पर रखने की पेशकश की थी। ग्रामीणों का कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार छोटे बच्चों से काम कराने को लेकर सख्त कानून बनाती है, लेकिन ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई जरूरी है।