रायसेन जिले के जिला अस्पताल में बड़ा हंगामा हो गया। वजह थी — इलाज में कथित लापरवाही के कारण घायल युवक की मौत। मृतक संजय नाथ, भोपाल के बैरसिया का रहने वाला था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बावजूद उसे समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे उसकी जान चली गई।
हादसा कैसे हुआ
बीती रात सागर-भोपाल मार्ग पर टोल टैक्स नाके के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, संजय नाथ अपने एक साथी के साथ खाना खाने के बाद सड़क किनारे टहल रहा था। तभी तेज रफ्तार कार ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।
स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को रायसेन जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आकाश चतुर्वेदी ने दोनों को एडमिट तो कर लिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि कोई जरूरी इलाज शुरू नहीं किया गया।
अस्पताल में बढ़ा तनाव
इलाज में देरी के चलते देर रात संजय नाथ ने दम तोड़ दिया। जैसे ही यह खबर परिजनों को मिली, वे आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा करने लगे।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एचएन मांडरे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हालात को संभाला और दूसरे घायल युवक को तत्काल बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर करने का निर्देश दिया।
लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. मांडरे ने मौके पर ही कार्रवाई की। डॉक्टर आकाश चतुर्वेदी, स्टाफ नर्स शिवांगी चिड़ार और लीना रिहायत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, एंबुलेंस चालक गोविंद राजपूत को भी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया।
सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा — “रोगी के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद लोगों में भी आक्रोश है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में आए दिन लापरवाही की खबरें आती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। परिजनों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और मरीज के साथ ऐसा न हो।