सिलवानी। रक्षाबंधन का त्यौहार हर भाई-बहन के रिश्ते में प्यार और भरोसे की डोर को और मजबूत करता है, लेकिन इस बार सिलवानी की कई बहनों के लिए यह दिन बेहद मुश्किल हालात में आया। बाढ़ की वजह से कई घर पानी में डूब गए, चूल्हे ठंडे पड़ गए और रसोई का सामान भी खराब हो गया। ऐसे वक्त में नगर परिषद सिलवानी के अध्यक्ष प्रतिनिधि विभोर नायक खुद बहनों के घर पहुंचे और उन्हें राहत सामग्री का पैकेट देकर त्यौहार की मिठास लौटाने की कोशिश की। (Flood affected sisters in Silwani received relief packets on Rakshabandhan, the festival became emotional)
बाढ़ ने छीन लिया त्योहार का उल्लास
सिलवानी क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ ने कई परिवारों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पानी उतरने के बाद भी कई घरों की दीवारें और फर्श पूरी तरह गीले हैं, जिससे लोग खाना बनाने तक में असमर्थ हैं। इस स्थिति में रक्षाबंधन का त्योहार भी उदासी और चिंता के बीच आया। कई घरों में तो बहनें राखी बांधने के लिए तो तैयार थीं, लेकिन भाई उन्हें मिठाई या उपहार नहीं दे पाए क्योंकि घर में बुनियादी जरूरत का सामान ही नहीं था।
राहत पैकेट में क्या-क्या मिला
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि विभोर नायक ने इस स्थिति को समझते हुए बाढ़ प्रभावित घरों का दौरा किया। उन्होंने ‘लाडली बहनों’ को सूखे अनाज का पैकेट सौंपा, जिसमें चावल, दाल, आटा, नमक, चीनी और चायपत्ती जैसे रोजमर्रा के जरूरी सामान शामिल थे। साथ ही कुछ घरों में पीने के पानी की बोतलें और खाने के तैयार पैकेट भी पहुंचाए गए, ताकि महिलाएं और बच्चे तुरंत भोजन कर सकें।
बहनों की आंखों में छलक आया भावुकपन
जब विभोर नायक बहनों के घर पहुंचे और उन्हें राहत सामग्री दी, तो कई महिलाएं भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि त्योहार पर इस तरह की मदद उनके लिए सिर्फ जरूरत की चीज़ नहीं बल्कि भाईचारे और इंसानियत की मिसाल है। कुछ महिलाओं ने कहा कि वे सोच रही थीं कि इस बार रक्षाबंधन कैसे मनाएंगी, लेकिन इस सहयोग ने त्योहार को फिर से जीवित कर दिया।
भाजपा सरकार का भरोसा – हर संभव मदद जारी
इस मौके पर विभोर नायक ने कहा कि नगर परिषद सिलवानी और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार बाढ़ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। हर संभव मदद दी जाएगी, चाहे वह खाद्यान्न हो, पीने का पानी, कपड़े या घर की मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर प्रशासन व्यक्तिगत स्तर पर भी मदद पहुंचाएगा।
प्रशासन और समाज का संयुक्त प्रयास
स्थानीय प्रशासन, नगर परिषद और समाजसेवी संगठन लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं। कई युवा और महिलाएं स्वयंसेवक के रूप में जुड़कर पैकेट तैयार करने, पानी वितरित करने और सफाई अभियान में सहयोग दे रहे हैं। इस सामूहिक प्रयास से यह संदेश भी गया कि किसी भी आपदा के समय पूरा समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा होता है।
रक्षाबंधन का असली संदेश
रक्षाबंधन सिर्फ राखी और मिठाई का त्योहार नहीं, बल्कि यह आपसी सहयोग, स्नेह और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का पर्व है। इस बार सिलवानी में यह संदेश और भी गहरा हो गया, जब एक भाई ने अपनी बहनों के आंसू पोंछने और उनका चूल्हा जलाने की जिम्मेदारी खुद उठाई।