देवरी (रायसेन)। Fight over wages in Gram Panchayat Patai, two seriously injured referred to Bhopal देवरी थाना क्षेत्र से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पतई में गुरुवार रात मजदूरी के पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों से हमला हो गया, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान खेमचंद कुशवाहा और कमलेश कुशवाहा के रूप में हुई है, जिन्हें इलाज के लिए भोपाल के AIIMS रेफर किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
गांव के रहने वाले गुड्डू कुशवाहा ठेकेदारी का काम करता है। उसके अधीन गांव के कई लोग धान की रोपाई में मजदूरी करते हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें ₹400 प्रतिदिन के हिसाब से करीब एक महीने से काम पर लगाया गया था। इनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल थे। रक्षाबंधन के त्योहारी मौके पर जब मजदूरों की महिलाएं गुड्डू कुशवाहा के घर मेहनताना लेने पहुंचीं, तो ठेकेदार ने उनसे साफ कह दिया कि वह महिलाओं को पैसे नहीं देगा, उनके पुरुष घरवाले खुद आएं।
इसके बाद जब मजदूरों के पुरुष सदस्य पैसे लेने पहुंचे तो वहां विवाद हो गया। गुड्डू कुशवाहा, उसके बेटों और अन्य साथियों ने खेमचंद कुशवाहा, कमलेश कुशवाहा और देवेंद्र कुशवाहा पर लाठियों से हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर
मारपीट की घटना में तीनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल देवरी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें उदयपुरा रेफर किया गया। लेकिन वहां इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घायलों को देर रात भोपाल AIIMS रेफर किया गया। खेमचंद कुशवाहा की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, वहीं कमलेश कुशवाहा के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में भी देरी
घटना के बाद हेमराज कुशवाहा ने बताया कि वह रात 11 बजे देवरी थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की। थाना प्रभारी ने सुबह आने को कहा। जब वे सुबह 8 बजे पहुंचे, तो पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की।करीब 12 से 14 घंटे तक इंतजार करने के बाद कहीं जाकर FIR दर्ज की गई। हेमराज कुशवाहा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद हालात इतने बिगड़ते नहीं।
ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना के ग्रामीणों का कहना है कि मेहनत की मजदूरी मांगना कोई जुर्म नहीं है और अगर मजदूर अपने हक की बात करते हैं तो उन पर हमला करना अमानवीय है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ठेकेदार गुड्डू कुशवाहा और उसके परिवार पर तत्काल गिरफ्तारी की जाए ताकि गांव का माहौल फिर से सामान्य हो सके और मजदूरों को न्याय मिल सके।