सिलवानी, रायसेन: सिलवानी में स्टेट हाईवे 44 से शासकीय पीजी कॉलेज तक का रास्ता, जो एक किलोमीटर से भी कम है, आज भी कच्चा और बदहाल है। यह सिर्फ कॉलेज जाने वाले छात्रों की ही नहीं, बल्कि इंदिरा आवास कॉलोनी के करीब 2000 निवासियों और आसपास के गांवों से आने वाले लोगों की भी रोज़मर्रा की मुसीबत बन चुका है। ज़रा सोचिए, जहां विकास की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, वहीं एक कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता ही इतना मुश्किल हो कि हर कदम पर गिरने का डर सताए!
क्यों है यह रास्ता मुसीबत का सबब?
यह रास्ता कच्चा होने की वजह से कई सालों से लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। थोड़ी सी बारिश में यह दलदल में बदल जाता है, जिससे चलना तो दूर, साइकिल या बाइक चलाना भी दूभर हो जाता है। सूखे में धूल उड़ती है और गड्ढे ऐसे कि कमर टूट जाए।
खतरनाक आवागमन: छात्रों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी रोज़ इसी मुश्किल रास्ते से गुज़रने को मजबूर हैं। कॉलेज तक पहुंचने के लिए उन्हें उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरे रास्ते से जूझना पड़ता है, जिससे न सिर्फ वक़्त बर्बाद होता है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
गंदे पानी का जमाव: सड़क के दोनों ओर नालियों का न होना एक और बड़ी समस्या है। घरों का गंदा पानी सीधे सड़क पर बहता है और गड्ढों में जमा हो जाता है। यह न सिर्फ आवागमन को और मुश्किल बनाता है, बल्कि मच्छरों के पनपने का भी कारण बनता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्वच्छता का अभाव: खुले में गंदे पानी का जमाव सिलवानी शहर की स्वच्छता पर भी सवाल उठाता है। जहां एक ओर ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की बात होती है, वहीं यहां एक ज़रूरी मार्ग पर गंदगी और दलदल की स्थिति है।
जनप्रतिनिधि और छात्र संगठन क्यों हैं खामोश?
यह सबसे बड़ा सवाल है। सालों से इस सड़क के निर्माण की मांग उठ रही है, लेकिन न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस पर ध्यान दिया है और न ही छात्र संगठनों, जैसे ABVP और NSUI, ने कोई ठोस पहल की है। अक्सर छात्र हितों के लिए संघर्ष का दावा करने वाले ये संगठन इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। छात्रों में इस बात को लेकर काफी असंतोष है कि उनकी सबसे बुनियादी ज़रूरतों में से एक, यानी एक पक्की सड़क, को भी नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। विद्यार्थी राम कुमार, अशंक कुमार रघुवंशी, कृष्ण कांत, समर्पित जैन, कल्पना, आभा, विमलेश जैसे कई छात्रों का कहना है कि वे कई सालों से यह मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं।
छात्रों की मांग: जल्द हो सड़क का निर्माण!
कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं लगातार इस बात की मांग कर रहे हैं कि स्टेट हाईवे 44 से शासकीय पीजी कॉलेज तक एक पक्की सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनकी सुविधा का नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य का भी मामला है। जब तक यह सड़क नहीं बनती, तब तक सिलवानी के विद्यार्थियों के लिए कॉलेज तक का सफर एक ‘स्वप्न’ ही बना रहेगा।
स्थानीय निवासियों और विद्यार्थियों ने ज़िम्मेदारों से जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कराने की अपील की है, ताकि उनका आवागमन सुविधाजनक और सुरक्षित हो सके। अब देखना यह है कि आखिर इस सड़क का ‘पालनहार’ कौन बनेगा और कब सिलवानी के इन छात्रों को इस बदहाल रास्ते से मुक्ति मिलेगी।