The cleanest small city in the country’; Chhattisgarh के बिल्हा नगर पंचायत ने देशभर में स्वच्छता की मिसाल पेश करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में बिल्हा को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। इस गौरवपूर्ण सफलता के उपलक्ष्य में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने सम्मान समारोह आयोजित कर 28 स्वच्छता दीदियों, 20 सफाई मित्रों और 10 स्वच्छता कमांडोज को सम्मानित किया।
बिल्हा के कन्या भवन में आयोजित कार्यक्रम में विधायक धरमलाल कौशिक और क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने सभी स्वच्छता दीदियों को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।
उप मुख्यमंत्री बोले – “बिल्हा ने प्रदेश को दिलाया गौरव”
अरुण साव ने स्वच्छता दीदियों की मेहनत को सलाम करते हुए कहा कि बिल्हा की इस सफलता ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है। उन्होंने कहा, “यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि हमारा बिल्हा देश का सबसे स्वच्छ छोटा शहर बन गया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता आज जन-आंदोलन बन चुकी है। स्वच्छता न केवल हमारे जीवनशैली का हिस्सा है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, जो यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
विधायक धरमलाल कौशिक बोले – “इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ बिल्हा”
बिल्हा के विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि यह गौरव का क्षण है कि देश भर में बिल्हा को पहला स्थान मिला है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी ने लाल किले से स्वच्छता की अपील की थी और आज बिल्हा की मेहनत से उस अपील को साकार किया गया है। यह पूरी टीम की मेहनत और जनसहभागिता का परिणाम है।” उन्होंने बिल्हा के नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखें।
“स्वच्छता सेवा और समर्पण का प्रतीक है” – भूपेन्द्र सवन्नी
क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के समर्पण के कारण ही यह उपलब्धि संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का कार्य है, और हमारी दीदियों ने इसे बखूबी निभाया है।”
बिल्हा नगर पंचायत की अध्यक्ष वंदना जेण्ड्रे ने भी स्वच्छता दीदियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे भारत में बिल्हा का नाम रोशन किया है। उपाध्यक्ष सतीश शर्मा, सीएमओ प्रवीण गहलोत, जनपद अध्यक्ष राम कुमार कौशिक, अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में नगरवासी इस समारोह में मौजूद रहे।
15 वार्डों में सक्रिय हैं 28 स्वच्छता दीदियां
बिल्हा नगर पंचायत की आबादी लगभग 15,000 है और यहां कुल 15 वार्ड हैं। इन सभी वार्डों में 28 स्वच्छता दीदियां प्रतिदिन घर-घर जाकर ई-रिक्शा के जरिए कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं। इन दीदियों द्वारा एकत्रित कचरे को एसआरएलएम सेंटर ले जाकर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग किया जाता है।
गीले कचरे से खाद बनाई जाती है, वहीं सूखा कचरा बेचकर महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इस प्रकार न सिर्फ सफाई हो रही है बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का उदाहरण भी प्रस्तुत हो रहा है।
विशेष स्वच्छता कमांडोज की भी रही अहम भूमिका
बिल्हा में 10 विशेष स्वच्छता कमांडोज भी कार्यरत हैं। ये कमांडोज ट्रैक्टर और ऑटो टिपर के माध्यम से पूरे शहर में घूम-घूम कर कचरे की सफाई और जन-जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं। ये कमांडोज शहर की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई करते हैं और लोगों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक भी करते हैं।
आगे भी रहेगा विकास जारी: साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने यह भी आश्वासन दिया कि बिल्हा के विकास के लिए किसी भी प्रकार की राशि की कमी नहीं होगी। जो भी विकास कार्यों के प्रस्ताव आएंगे, उन्हें तुरंत मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी से ही स्वच्छ और सुंदर बिल्हा की यह तस्वीर बनी है और इसे बनाए रखने के लिए सभी को लगातार प्रयास करना होगा।