सिलवानी (रायसेन)। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने सिलवानी और आसपास के गांवों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई गांवों में घरों से लेकर स्कूल और पंचायत भवन तक बारिश के पानी में डूब गए हैं। नकटी, बेगम और तेदोनी नदियां उफान पर हैं, जिससे कई जगहों का संपर्क भी टूट गया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों में पड़रिया, मुआर, नीगरी, साईखेड़ा, सिमरिया और जमुनियापुरा शामिल हैं, जहां पानी घरों और दुकानों में घुस चुका है। वहीं, सिलवानी कस्बे के मुख्य बाजार में भी दुकानों में पानी भर जाने से व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है।
पड़रिया में स्कूल और पंचायत भवन पानी में डूबे
सिलवानी के पास स्थित ग्राम पड़रिया में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां का शासकीय स्कूल और पंचायत भवन पूरी तरह पानी में डूब गया है। बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है, और पंचायत का सारा कामकाज बंद पड़ा है।
मुआर गांव में घरों और दुकानों में पानी, मकान गिरा
मुआर गांव में भी बारिश ने कहर बरपाया है। गांव के कई घरों और दुकानों में घुटनों तक पानी भर गया है। सबसे बड़ी घटना रघुवीर सोनी के मकान के ढहने की रही, जो अधिक बारिश के कारण कमजोर दीवारों की वजह से गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के लोग घर से बाहर थे, जिससे जान का नुकसान नहीं हुआ।
नीगरी, सिमरिया और साईखेड़ा भी प्रभावित
नीगरी गांव में भी घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोग अपने सामान को बचाने के लिए रातभर जागते रहे। वहीं साईखेड़ा और सिमरिया गांवों में लगातार बारिश के चलते कई घरों में भीतर तक पानी घुस चुका है। गांवों में बिजली और पीने के पानी की भी समस्या शुरू हो गई है।
जमुनियापुरा का टूटा संपर्क, बेगम नदी उफान पर
बेगम नदी के उफान पर आने से जमुनियापुरा गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे गांव का सिलवानी से संपर्क कट गया है। गांववाले नाव या अस्थायी लकड़ी के पुल के सहारे आवागमन कर रहे हैं, जो काफी खतरनाक है।
सिलवानी-उदयपुरा स्टेट हाईवे 44 पर भी जलजमाव
तेदोनी नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि स्टेट हाईवे 44 पर नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इससे सिलवानी और उदयपुरा के बीच यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। कई वाहन चालक रास्ते में ही फंसे नजर आए।
किसानों की उम्मीदें टूटीं, फसलें जलमग्न
बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। कई गांवों में खेतों में खड़ी सोयाबीन और धान की फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। किसान चिंतित हैं कि अगर बारिश ऐसे ही जारी रही, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रशासन कर रहा निगरानी, राहत के इंतजाम
प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रही है। तहसीलदार और पंचायत अधिकारी मौके पर जाकर हालात का जायजा ले रहे हैं। कुछ गांवों में राहत शिविरों की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि प्रभावित लोगों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित स्थानों पर रखा जा सके।
निष्कर्ष
सिलवानी क्षेत्र में बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि किसी तरह की जनहानि ना हो, लेकिन लगातार बारिश से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। अब सभी की नजरें मौसम पर टिकी हैं कि कब राहत की फुहारें थमेंगी।