गोवर्धन (मथुरा)। दोस्तों के साथ नहाने गए एक 16 साल के किशोर की नाले में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जानू की है, जो विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह का गांव है। मृतक किशोर की पहचान अर्जुन पुत्र छोटू के रूप में हुई है। अर्जुन अपने दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित एक नाले में नहाने गया था, लेकिन अचानक वह गहरे पानी में चला गया और फिर बाहर नहीं निकल सका।
घटना के बाद अर्जुन के दोस्तों ने तुरंत गांव में जाकर इसकी जानकारी दी। गांव वालों ने मौके पर पहुंचकर उसे खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह, प्रशासनिक अफसर और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची।
कई घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव
गोता खोरों ने पानी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अर्जुन को पानी से बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अर्जुन की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उसका शरीर पूरी तरह ठंडा हो चुका था और धड़कनें थम चुकी थीं।
घटना की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। अर्जुन की मौत की खबर सुनकर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अर्जुन अपने परिवार का इकलौता बेटा था, जिससे मां-बाप को काफी उम्मीदें थीं।
विधायक मौके पर रहे मौजूद
घटना की गंभीरता को देखते हुए विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह मौके पर पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने घटना की जानकारी लेते हुए प्रशासन को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने अर्जुन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मथुरा भेज दिया है। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और दोस्तों से भी पूछताछ की है। प्रारंभिक तौर पर यह हादसा नाले में गहरे पानी में अचानक चले जाने की वजह से हुआ बताया जा रहा है।
नहाने का शौक बना जानलेवा
गांव के लोगों का कहना है कि इन दिनों युवा व बच्चे नाले या पोखरों में नहाने चले जाते हैं, लेकिन कई बार ये जगहें बेहद खतरनाक साबित होती हैं। अर्जुन के साथ भी यही हुआ। नाले का एक हिस्सा बेहद गहरा था, जहां वह फंस गया और डूब गया। गांव के बुजुर्गों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी जगहों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और नाबालिगों को बिना सुरक्षा के पानी में उतरने से रोका जाए।
परिजनों की चुप्पी में बयां हुआ दर्द
अर्जुन की मां बेसुध हैं और पिता छोटू गहरे सदमे में हैं। घर में मातम पसरा हुआ है। कोई कुछ बोल नहीं पा रहा, लेकिन हर आंख में सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? कुछ देर की मस्ती पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ गई।