मथुरा (गोवर्धन)। थाना गोवर्धन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सीँह में रविवार को उस वक्त तनाव का माहौल बन गया जब कुछ अराजक तत्वों ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को खंडित कर दिया। इस घटना के विरोध में गुस्साए ग्रामीणों ने गोवर्धन-बरसाना मार्ग पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और माहौल गर्मा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर थाना गोवर्धन की पुलिस के साथ ही वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश दी और कुछ ही घंटों बाद सड़क से जाम हटवाया गया।
गांव में भारी तनाव, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने गांव में एक विशेष समाज के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया। लोगों का कहना था कि यह कृत्य बेहद अपमानजनक और समाज को बांटने वाला है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की और अनहोनी न हो।
भीम आर्मी के सदस्य भी पहुंचे गांव, की कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना की खबर मथुरा तक पहुंचते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी गांव सीँह पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जो भी लोग इस शर्मनाक हरकत के पीछे हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की मूर्ति से समाज की आत्मा जुड़ी हुई है, घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
एसपी देहात का बयान: दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एसपी देहात ने मीडिया को बताया कि यह कृत्य किसी अराजक तत्व द्वारा जानबूझकर शांति भंग करने के उद्देश्य से किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानूनी कार्रवाई सख्त से सख्त होगी।
गांव में शांति बनाए रखने की कोशिशें तेज
पुलिस और प्रशासन की लगातार मौजूदगी के चलते फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है। ग्रामीणों को शांत करने के लिए सामाजिक प्रतिनिधियों और पंचायत सदस्यों को भी साथ लिया गया है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो और समाज में भाईचारा बना रहे।
गांव के लोगों की मांग – सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था हो मजबूत
घटना के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। साथ ही उन्होंने मूर्ति की मरम्मत कर पुनः स्थापना की भी अपील की है। प्रशासन ने इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।