अखिलेश कुमार शर्मा उदयपुरा पर्यावरण संरक्षण और महिला सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा चलाए जा रहे नवांकुर सखी कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम सोजनी में एक भव्य हरियाली यात्रा और भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था महिलाओं को पौध संरक्षण और हरियाली के महत्व को लेकर जागरूक बनाना।
कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई जिसमें सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में उत्साहपूर्वक शामिल हुईं। इसके बाद सभी महिलाओं ने हरियाली यात्रा निकालते हुए पूरे गांव में भजन गाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
महिलाओं ने निभाई नेतृत्व भूमिका
इस पूरे आयोजन में महिलाओं की सहभागिता सबसे खास रही। नवांकुर सखी योजना के माध्यम से गांव की महिलाओं ने न केवल कार्यक्रम की अगुवाई की बल्कि पौधरोपण और पर्यावरण के प्रति अपने संकल्प को भी दोहराया। इस अवसर पर 125 नवांकुर सखियों को पौधे वितरित किए गए, ताकि वे अपने घर और आस-पास हरियाली को बढ़ावा दे सकें।
आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान गांव में बेहतर काम करने वाली आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। जन अभियान परिषद ने इन महिला कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित कर प्रोत्साहित किया।
सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
इस आयोजन में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बृज गोपाल लोया, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष केशव पटेल, मंडल अध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव, महामंत्री संजय रघुवंशी, राकेश दीक्षित, हरिगोविंद धाकड़ सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक राममोहन रघुवंशी, सुनील कहार और स्वयंसेवी संस्था से सोनू पांडे सहित नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
नवांकुर सखी कार्यक्रम से जुड़ी उम्मीदें
यह कार्यक्रम न सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन था, बल्कि गांव की महिलाओं में नेतृत्व, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने का एक प्रयास था। पौधों का वितरण केवल एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं था, बल्कि यह उन महिलाओं के हाथों में भविष्य की हरियाली सौंपने जैसा था, जो अपने घर-आंगन के साथ समाज को भी सजाने-संवारने का माद्दा रखती हैं।
पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण की साझा पहल
इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महिलाएं बड़ी भूमिका निभा सकती हैं, बशर्ते उन्हें सही मंच और अवसर मिले। नवांकुर सखी योजना इसी सोच का परिणाम है, जिसमें हर महिला एक हरियाली की सखी बनकर समाज में हरित क्रांति ला सकती है।
कार्यक्रम का सामाजिक प्रभाव
ग्राम सोजनी में हुआ यह आयोजन एक मिसाल बन गया है कि किस तरह छोटे-छोटे गांवों में भी जनसहभागिता से बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। यह कार्यक्रम आने वाले समय में अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।