देश विदेश जनसम्पर्क उत्तरप्रदेश मौसम सक्सेस स्टोरी खेल एजुकेशन कृषि राशिफल धर्म

6 महीने बाद भी शुरू नहीं हुआ मानपुर-जमखनवा सड़क का काम: ग्रामीणों की जान खतरे में, आखिर कब जागेगा प्रशासन?

लखनऊ के मानपुर-जमखनवा सड़क का निर्माण स्वीकृति के 6 महीने बाद भी अधर में। गड्ढों से भरी सड़क पर ग्रामीण और स्कूली बच्चे खतरे में। जानें क्यों जनप्रतिनिधि और प्रशासन कर रहे अनदेखी।

Follow Us:

उत्तर प्रदेश: एक तरफ सरकारें गांवों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती हैं, वहीं दूसरी ओर कई गांव ऐसे भी हैं, जहां लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल है लखनऊ के बीकेटी विकासखंड में मानपुर-जमखनवा सड़क का, जिसे स्वीकृति मिले छह महीने हो चुके हैं, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हो पाया। इस सड़क की बदहाल हालत ने ग्रामीणों, खासकर स्कूली बच्चों की जान को खतरे में डाल दिया है।

सरकार के दावे, ज़मीन पर हालात विपरीत
कहते हैं “सबका साथ, सबका विकास”, लेकिन मानपुर-जमखनवा सड़क के मामले में ये दावा खोखला साबित हो रहा है। सीतापुर रोड NH-24 से ग्राम करौदी, बगहा होते हुए जमखनवा और दुघरा होते हुए इटौंजा-माल रोड तक पहुंचने वाला स्व. शिवराज सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुख्य मार्ग आज भी गड्ढों और उखड़ी गिट्टियों से भरा है। आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं, और ग्रामीण व स्कूली बच्चे हर दिन इस जानलेवा रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।

स्वीकृति के बाद भी लटका काम: “कहां गया विकास?”
ग्रामीणों की सबसे बड़ी शिकायत यही है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यह 5 किलोमीटर लंबी सड़क स्वीकृत हो चुकी है। भारत सरकार के ग्राम विकास विभाग द्वारा इसे मंजूरी मिले पूरे छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन सड़क निर्माण का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है!

गांधी ग्राम बगहा के वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार सिंह, जमखनवा के पूर्व प्रधान रमेश तिवारी, और वैभव ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें रोज 5 किलोमीटर पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। वे गुस्से में पूछते हैं कि आखिर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी क्यों आंखें मूंदे बैठे हैं?

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि “गांव की सड़कों का सुधार सिर्फ कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह गया है।” उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के वक्त ही दिखाई देते हैं, बाद में जनता की समस्याओं से उनका कोई लेना-देना नहीं रहता।

“हमें हर बार आवाज़ उठानी पड़ेगी?” ग्रामीण आंदोलन की तैयारी में
हताश ग्रामीण अब खुद सड़क पर उतरकर विरोध करने की तैयारी में हैं। वे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से सीधा सवाल कर रहे हैं: “क्या हमें हर बार बुनियादी सुविधाओं के लिए आवाज़ उठानी पड़ेगी? आखिर कब सुनी जाएगी हमारी बात?”

उनकी चिंता वाजिब है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह हालात बने रहे तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी। यह एक गंभीर चेतावनी है जिसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

हर बार अनदेखी, हर बार ठोकर: एक दशक पुरानी समस्या
यह समस्या नई नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, स्व. शिवराज सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मार्ग की मरम्मत की मांग सालों से की जा रही है। कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन नतीजा हमेशा शून्य रहा है।

सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है। ऐसे में राहगीरों को यह पता ही नहीं चलता कि कहां सड़क है और कहां जानलेवा गड्ढा। अंधेरे में और बारिश के दिनों में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है।

स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा सफर
यह सड़क बच्चों के भविष्य के लिए भी खतरा बनी हुई है। मानपुर-जमखनवा मार्ग से रोजाना सैकड़ों बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूलों तक आते-जाते हैं। लेकिन सड़क की बदहाली ने उनका सफर जोखिम भरा बना दिया है। गड्ढों से भरी इस सड़क पर साइकिल और बाइक सवार बच्चे कई बार गिरकर घायल हो चुके हैं। बुजुर्ग और महिलाएं भी इस रास्ते में चोटिल हो चुकी हैं। यह जानकर दुख होता है कि इतने हादसों के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि बेखबर बने हुए हैं।

क्या हमें तब तक इंतजार करना होगा जब तक कोई गंभीर दुर्घटना न हो जाए? बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अच्छी सड़कों का होना निहायत जरूरी है, लेकिन यहां उनके जीवन से ही खिलवाड़ हो रहा है।

सिर्फ करौदी, बगहा ही नहीं, दर्जनों गांव प्रभावित
यह मार्ग केवल करौदी और बगहा गांव के लिए ही नहीं, बल्कि जमखनवा सहित रोड क्षेत्र के दर्जनों गांवों की लाइफलाइन है। इन गांवों के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों जैसे किराना, इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है।

सड़क की खराब हालत के कारण बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी देर हो जाती है, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है। कल्पना कीजिए, किसी इमरजेंसी में एम्बुलेंस को भी इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़े, तो मरीज को कितनी मुश्किल होगी! यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा मुद्दा है।

प्रशासन की पहल पर अब उम्मीद: या आंदोलन ही विकल्प?
ग्रामीणों को अब भी उम्मीद है कि शासन और जिला प्रशासन इस मार्ग की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल्द ही मरम्मत और डामरीकरण का काम शुरू कराएगा। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। यह मामला न सिर्फ गांवों के विकास से जुड़ा है, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का भी सवाल है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को यह समझना होगा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सवाल यह है कि क्या प्रशासन जनता की पुकार सुनेगा, या एक बार फिर उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा? इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।

[URIS id=5981]

अजय सिंह चौहान लखनऊ

अजय सिंह चौहान – एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार अजय सिंह चौहान लखनऊ (उत्तर प्रदेश) निवासी एक वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकार हैं, जिन्होंने पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में पिछले ढाई दशकों से उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्ष 2009 में उन्होंने आगरा से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे निरंतर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे और उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में लखनऊ जिले के संवाददाता के रूप में कार्य करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अपने 25 वर्षों के व्यापक अनुभव के दौरान अजय सिंह चौहान ने जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग, जनहित से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों को मजबूती से उठाया। उन्होंने पत्रकारिता को केवल एक पेशा न मानकर, समाज सेवा का सशक्त माध्यम माना और हमेशा निष्पक्ष, निर्भीक व जनपक्षधर लेखन को प्राथमिकता दी। वर्तमान में अजय सिंह चौहान मध्य प्रदेश के प्रमुख हिन्दी दैनिक स्वदेश के लखनऊ संस्करण में ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली, अनुभव और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें न केवल एक कुशल पत्रकार, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बना दिया है।

Join WhatsApp

Join Now

- Join Arattai

Join Now

और पढ़ें

Gondia-Dongargarh Rail Line

Gondia-Dongargarh Rail Line छत्तीसगढ़ को मिली बड़ी सौगात: गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन से बढ़ेगा औद्योगिक विकास, cg मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार

Jashpur Hospital Construction

Jashpur Hospital Construction जशपुर जिले को मिली पहली बार CSR फंड की 61 करोड़ की राशि, अस्पताल, तीरंदाजी केंद्र और स्कूल भवनों का निर्माण शुरू

Chhattisgarh News

Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ की नदियों पर रखे जाएंगे नौसेना के नए पोतों के नाम, प्रदेश में सेना भर्ती रैली की तैयारी

Vishnudev Sai Delhi Visit

Vishnudev Sai Delhi Visit छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, राज्य के विकास कार्यों की दी जानकारी

Maa Danteshwari Temple

Maa Danteshwari Temple मां दंतेश्वरी के दरबार पहुंचे अमित शाह और सीएम विष्णुदेव साय, प्रदेश की खुशहाली की मांगी दुआ

Bastar Dussehra Amit Shah

Bastar Dussehra Amit Shah अमित शाह का बस्तर दशहरा समारोह में संदेश: नक्सलवाद खत्म कर विकास की गंगा बहाएंगे

Leave a Comment

error: Content is protected !!