लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हरियाली और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बुधवार को सौमित्र वन, भीखमपुर और झूलेलाल वाटिका का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी कई अहम बातें कहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सौमित्र वन के खाली भू-भाग में मिट्टी भरवाकर वहां पौधारोपण किया जाए और पाथ-वे का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
मंडलायुक्त डॉ. जैकब ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सौमित्र वन को जल्द ही एक मॉडल हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने खाली पड़े भू-भाग पर हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे लगाने और एक सुंदर पाथवे के निर्माण को प्राथमिकता देने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कैफेट एरिया, ओपन जिम और बच्चों के लिए खेल क्षेत्र (प्ले किट ज़ोन) को जल्द तैयार करने का निर्देश दिया।
राजस्व बढ़ाने के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाने का सुझाव
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि सौमित्र वन में पर्यावरण से जुड़ी जागरूकता के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं, ताकि आम लोगों को जानकारी मिल सके। इसके साथ ही यह प्रयास लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के लिए राजस्व का स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह कदम सौमित्र वन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
गोमती रिवर फ्रंट और शक्ति वन के लिए भी बनेगी योजना
मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने आगे निर्देश दिए कि गोमती रिवर फ्रंट का विस्तृत सर्वे कराया जाए। इसके लिए ड्रोन सर्वे का सुझाव दिया गया ताकि सम्पूर्ण क्षेत्र का आंकलन कर एक संगठित विकास योजना बनाई जा सके। इसी तरह, शक्ति वन में भी नगर निगम द्वारा अगले सप्ताह से वृहद पौधारोपण अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में ग्रीन जोन बढ़ाने के लिए हर स्थान का बेहतर उपयोग जरूरी है।
भीखमपुर और झूलेलाल वाटिका को भी मिलेगा नया स्वरूप
भीखमपुर क्षेत्र में भी हरियाली को बढ़ावा देने के लिए मंडलायुक्त ने एलडीए को वॉक-वे और पौधारोपण के काम को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अलावा झूलेलाल वाटिका का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बेंच, रैंप, लाइटिंग, पौधारोपण और पाथवे निर्माण की कार्य योजना जल्द तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. जैकब के इस निरीक्षण और दिशा-निर्देशों का मकसद राजधानी के सार्वजनिक स्थलों को अधिक सुंदर, हरित और सुविधाजनक बनाना है ताकि आम लोगों को स्वच्छ वातावरण और बेहतरीन सुविधा मिल सके।