मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस विभाग में लंबे समय से चल रहे “सेटिंग-गेटिंग” के खेल पर एसएसपी श्लोक कुमार ने बड़ा एक्शन लिया है। एसएसपी ने 27 पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर कर दिया है। इनमें कई हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं, जो विभिन्न थानों में थाना प्रभारी निरीक्षकों के हमराह (सहायक) के रूप में तैनात थे।
इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि वे थाने में आने वाले फरियादियों और प्रतिवादियों की थाना प्रभारी से सेटिंग कराने का काम करते थे। यानी, वे पैसे या सिफारिश के दम पर मामलों की दिशा तय करवाते थे। अब जब एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) की रिपोर्ट में यह गड़बड़ी सामने आई, तो एसएसपी ने बिना देर किए बड़ी कार्रवाई कर दी।
थानों में “सेटिंग” का गोरखधंधा
एलआईयू की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई थानों में थाना प्रभारी के हमराह पुलिसकर्मी, थाने आने वाले लोगों से सीधा संपर्क करते थे और उनके मामलों को थाना प्रभारी तक पहुंचाने के एवज में पैसे या अन्य लाभ लेते थे। कई बार तो वादी और प्रतिवादी दोनों से डीलिंग होती थी और जो ज्यादा दे, उसके पक्ष में काम कर दिया जाता था।
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मी
पेशकार विकास बघेल ने बताया कि लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों की सूची में सदर बाजार के हेड कांस्टेबल सत्येंद्र, गोविंद नगर के राजेंद्र सिंह, वृंदावन के चंद्रशेखर, विवेक, कांस्टेबल विकास, जैंत के अजय कुमार, जमुनापार के राजकुमार, रिफाइनरी थाने के हेड कांस्टेबल ताराचंद, हाईवे के पवन कुमार, फरह के कुलदीप कुमार, महावन के चालक इवलाक अली, बलदेव के नवलेश कुमार, राया के आशीष तिवारी, मांट के प्रदीप कुमार, सुरीर के प्रमोद कुमार, नौहझील के यशवीर मलिक, छाता के गजेंद्र सिंह और सोहित, कोसीकलां के अनुज कुमार, शेरगढ़ के बृजराज सिंह, गोवर्धन के राघवेंद्र सिंह, रिंकू चौधरी, मगोर्रा के अनूप कुमार और बरसाना के अभिमन्यु जैसे नाम शामिल हैं।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी श्लोक कुमार ने स्पष्ट किया कि इस तरह की भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त पुलिसकर्मियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी 27 पुलिसकर्मियों की पहले एलआईयू से जांच कराई गई थी। इसके बाद उनके स्वयं के स्तर पर भी जांच की गई। जब सबूत पुख्ता मिले, तब कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम जनता को न्याय देना है, न कि “सेटिंग” के जरिए मामलों को प्रभावित करना। जिन पुलिसकर्मियों ने विभाग की छवि को धूमिल किया है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी है।
पुलिस लाइन भेजे गए, नई तैनाती जल्द
एसएसपी ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, उन्हें मथुरा पुलिस लाइन में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पुलिस लाइन में मौजूद ईमानदार और योग्य पुलिसकर्मियों को अब इनकी जगह तैनात किया जाएगा, ताकि थानों में कानून का राज कायम रहे।
विभाग में मचा हड़कंप
एक साथ 27 पुलिसकर्मियों की लाइन हाजिरी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर सख्त कार्रवाई हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी मामलों की जांच हो सकती है।
एसएसपी का यह कदम साफ संकेत देता है कि मथुरा पुलिस अब साफ-सुथरी छवि और जवाबदेही की दिशा में काम करेगी।