सिलवानी, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान के तहत सिलवानी के एकीकृत कन्या शाला विद्यालय में सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन और निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस विभाग की पहल पर किया गया था। लगभग 200 छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रचनात्मक तरीकों से यह संदेश दिया कि “नशा एक बर्बादी है, इससे दूरी ही भलाई है।” छात्राओं ने पोस्टरों और स्लोगनों के माध्यम से नशे की लत को न केवल शरीर के लिए, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी खतरनाक बताया।
थाना प्रभारी पूनम सविता ने इस मौके पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “नशा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से जीवन को बर्बाद कर देता है। शराब, तंबाकू, गुटखा जैसे नशे शरीर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं और धीरे-धीरे व्यक्ति का भविष्य अंधेरे में चला जाता है।” उन्होंने सभी छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई।
इस प्रतियोगिता का मकसद सिर्फ बच्चों की रचनात्मकता दिखाना नहीं था, बल्कि उनके ज़रिए समाज को एक मजबूत और जागरूक संदेश देना भी था। छात्राओं ने अपने पोस्टर और निबंधों के जरिए यह साफ तौर पर जताया कि नशा छोड़ना ही बेहतर और सफल जीवन की ओर पहला कदम है।
कार्यक्रम में “नशा छोड़ो, जीवन संवारो” जैसे संदेशों ने सबका ध्यान आकर्षित किया। कई पोस्टरों में नशे के कारण टूटते परिवारों, बर्बाद होते भविष्य और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को चित्रों के माध्यम से बहुत संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या सोनल नामदेव, समस्त विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।
इस पहल ने यह साबित कर दिया कि नशा मुक्ति की लड़ाई सिर्फ सरकार या पुलिस की नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें भागीदार बनना होगा। बच्चों और खासकर छात्राओं का यह प्रयास आने वाले समय में समाज को नशे से मुक्त करने की दिशा में उम्मीद की किरण बन सकता है।