रायसेन (देवरी)।
देवरी क्षेत्र के ग्राम कटक में उस समय हड़कंप मच गया जब वन विभाग की टीम ने सरपंच यशवंत के घर पर छापा मारा। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें घर से अवैध रूप से रखी गई कीमती लकड़ी बरामद हुई है।
देवरी फॉरेस्ट रेंज अधिकारी शिरोमणि मीणा के नेतृत्व में यह कार्रवाई अंजाम दी गई। उन्होंने बताया कि लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि ग्राम कटक के सरपंच यशवंत के घर में लकड़ी अवैध रूप से जमा की जा रही है। विभाग इस सूचना की पुष्टि में जुटा हुआ था। आखिरकार जब मुखबिर ने पुख्ता जानकारी दी, तो विभाग ने बिना देर किए टीम के साथ सरपंच के घर दबिश दी।
छापे में मिली तीन सिल्ली कीमती लकड़ी
छापामार कार्रवाई के दौरान सरपंच यशवंत के घर से तीन लकड़ी की सिल्लियां बरामद की गईं। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ये सिल्लियां बिना किसी वैध अनुमति के रखी गई थीं। बरामद लकड़ी की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 6,000 रुपये बताई जा रही है।
वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से लकड़ी को जप्त करते हुए सरपंच यशवंत के खिलाफ विधिसंगत कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया है, और विभागीय दस्तावेजों के अनुसार मामले को अगली जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
वन विभाग की सख्ती से मचा हड़कंप
सरपंच के घर की गई इस छापेमारी के बाद ग्राम कटक सहित आसपास के गांवों में चर्चा का माहौल है। लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि यदि एक जनप्रतिनिधि ही अवैध कार्यों में लिप्त पाया जाता है, तो आम नागरिकों को क्या संदेश जाएगा?
देवरी रेंज अधिकारी शिरोमणि मीणा ने सख्त लहजे में कहा कि वन अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि विभाग अवैध लकड़ी संग्रहण या तस्करी जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं करेगा।
जांच में जुटी टीम, हो सकती है और बरामदगी
वन विभाग की टीम अब यह जांच कर रही है कि क्या यह लकड़ी किसी अवैध कटाई का हिस्सा है या फिर इसका इस्तेमाल किसी और बड़े उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में और लोग शामिल हैं।
सूत्रों की मानें तो कटक समेत आसपास के कुछ और गांवों में भी अवैध लकड़ी के कारोबार की शिकायतें विभाग को मिली हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में विभाग और भी छापेमारी कर सकता है।
🟢 निष्कर्ष
ग्राम कटक में सरपंच यशवंत के घर की गई छापेमारी ने यह साफ कर दिया है कि वन विभाग अब पहले से अधिक सतर्क हो गया है। विभाग की सख्ती से अवैध लकड़ी व्यापार में लिप्त लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।