बाड़ी, 18 जुलाई 2025।
“गौ सेवा ही सच्ची सेवा है” – इसी मूलमंत्र को लेकर काम कर रही है टीम संकल्प गौ सेवा संस्था, जो बाड़ी क्षेत्र में घायल, बीमार और एक्सीडेंटल गायों के इलाज और देखभाल का काम लगातार कर रही है। लेकिन अब यह सेवा और भी अधिक प्रभावी तरीके से तभी आगे बढ़ पाएगी जब संस्था को एक जरूरी साधन – एक मारुति ओमनी वैन – उपलब्ध हो सके।
क्यों जरूरी है ओमनी वैन?
संस्था के सदस्य बताते हैं कि जब भी किसी गाय के घायल होने की सूचना मिलती है, तो तुरंत मौके पर पहुंचना जरूरी होता है। लेकिन संसाधनों की कमी के कारण गायों को समय पर अस्पताल या शरण स्थल तक लाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में अगर एक वैन हो, तो घायल गायों को समय रहते सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है, जिससे उनकी जान बचाई जा सके।
संस्था की अपील है –
“आपका छोटा-सा सहयोग किसी गौ माता की जान बचा सकता है।”
संस्था का समर्पण और सेवा भाव
टीम संकल्प पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में नि:स्वार्थ भाव से कार्य कर रही है। सड़क किनारे घायल पड़ी या बीमार अवस्था में तड़प रही गायों को उठाकर इलाज कराना, उनकी देखभाल करना और उन्हें सुरक्षित गौशाला में रखना – यही इनका मुख्य उद्देश्य है।
संस्था के स्वयंसेवक न दिन देखते हैं, न रात। जब भी सूचना मिलती है, वे बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच जाते हैं। लेकिन अब बार-बार वाहन की अनुपलब्धता के चलते कई बार समय पर इलाज संभव नहीं हो पाता। यही कारण है कि अब संस्था ने जन सहयोग से एक गौ सेवा वाहन (ओमनी वैन) जुटाने की अपील की है।
कैसे कर सकते हैं मदद?
जो भी सेवाभावी, श्रद्धालु या पशु प्रेमी इस पुनीत कार्य में योगदान देना चाहते हैं, वे संस्था द्वारा जारी किए गए QR कोड या खाता विवरण के माध्यम से सहायता राशि भेज सकते हैं।
“यह एक अपील नहीं, बल्कि एक जीवन रक्षा का अनुरोध है। जितनी जल्दी वाहन उपलब्ध होगा, उतनी ही तेजी से सेवा हो पाएगी।”
संपर्क करें:
📞 मोबाइल: 6265257481
अधिक जानकारी के लिए: टीम संकल्प, बाड़ी
संस्था ने अपने संदेश में यह भी कहा –
“गौ माता की पीड़ा हमारी पीड़ा है। आइए, हम सभी मिलकर इस सेवा में भागीदार बनें और एक छोटी-सी मदद से किसी जीवन को बचाने में अपना योगदान दें।”
जनता का सहयोग ही असली पूंजी
स्थानीय समाजसेवी, व्यापारी, युवाओं और महिलाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी से संस्था ने अनुरोध किया है कि वे गौ सेवा के इस अभियान में अपना योगदान दें। ये सिर्फ एक वाहन नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और जिम्मेदारी का प्रतीक होगा।