श्री महाकाल मंदिर उज्जैन के IAS प्रशासक प्रथम कौशिक ने सभी भक्तों को सावन के पहले सोमवार की शुभकामनाएं दीं
उज्जैन: सावन का पहला सोमवार, और क्या ही कहने! धर्मनगरी उज्जैन में आज नजारा ही कुछ और था. विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. आधी रात से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, हर कोई बस बाबा महाकाल की एक झलक पाने को बेताब था. हजारों भक्त देर रात से ही अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, मानो पूरी रात ही महाकाल के नाम कर दी हो
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जब पूरा शहर नींद में था, उज्जैन के बाबा महाकाल अपने भक्तों के लिए जाग उठे. इस अद्भुत क्षण में, उनका भव्य पूजन और अभिषेक किया गया, जिससे मंदिर का वातावरण और भी पवित्र हो गया. इसके तुरंत बाद, बाबा का मनमोहक शृंगार किया गया, जो देखने वालों का मन मोह लेता है. फिर शुरू हुई विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती, जिसने वहां मौजूद हर भक्त को पूरी तरह से भक्तिमय कर दिया.
- हजारों भक्तों को मिले भस्म आरती के दर्शन
मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सहूलियत के लिए खास इंतजाम किए थे. आमतौर पर भस्म आरती में सिर्फ 1700 श्रद्धालु ही सीधे दर्शन कर पाते हैं, लेकिन आज चलित भस्म आरती की व्यवस्था की गई, जिससे हजारों भक्तों को इस दिव्य अनुभव का लाभ मिला. कार्तिक मंडपम से श्रद्धालुओं को बाबा के इस अद्भुत रूप के दर्शन कराए गए. सावन का महीना शुरू होते ही उज्जैन में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है, और पहला सोमवार तो वाकई ऐतिहासिक बन गया
- बाबा महाकाल का विशेष शृंगार और पूजन
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि आज बाबा महाकाल का विशेष शृंगार और पूजन किया गया. सबसे पहले वीरभद्र की आज्ञा लेकर चांदी के कपाट खोले गए. इसके बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का पूजन किया और फिर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया. प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल भी अर्पित किया गया, जो अपने आप में एक अलग ही अनुभव था.
आज सुबह की कपूर आरती के बाद, बाबा महाकाल को सुगंधित फूलों की माला अर्पित की गई. फिर महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग पर भस्म अर्पित की गई और भोग लगाया गया. इस भस्म आरती में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. पूरे मंदिर परिसर में ‘जय भोलेनाथ’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे थे, जिससे माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया था. मंदिर परिसर के बाहर भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा, ताकि भक्तों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.
- श्री महाकाल मंदिर उज्जैन के IAS प्रशासक प्रथम कौशिक ने सभी भक्तों को सावन के पहले सोमवार की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने बताया कि बाबा महाकाल की भस्म आरती और सवारी के लिए मंदिर और जिला प्रशासन ने मिलकर सभी जरूरी इंतजाम किए हैं. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आकर बाबा महाकाल के दर्शन का लाभ लेने का आह्वान किया. समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था के अंदर भी पूरे इंतजाम किए गए हैं. श्रद्धालुओं के लिए त्रिवेणी गेट और गेट नंबर 1 से दर्शन की व्यवस्था की गई है. उन्होंने एक बार फिर सभी को सावन के प्रथम सोमवार की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दीं.
यह सावन का पहला सोमवार उज्जैन के लिए वाकई खास रहा. भक्तों की आस्था और उत्साह ने इस दिन को और भी यादगार बना दिया.