रायसेन। (Raisen News) जिले में राजस्व प्रशासन की छवि को धूमिल करने वाले एक मामले में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए सांची स्थित नायब तहसीलदार न्यायालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) राजेश गीते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के बाद की गई है, जिसमें श्री गीते पर जमानत के नाम पर किसी व्यक्ति से अवैध रूप से राशि लेते हुए दिखने का आरोप है।
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(Raisen Collector Arun Kumar Vishwakarma has suspended Assistant Grade-3 Rajesh Geete posted in Nayab Tehsildar Court Sanchi after a bribe-related video went viral on social media. The action was taken for violation of MP Civil Service Conduct Rules. Read full details of the administrative action and its impact on revenue administration.)
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर को एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में न्यायालय नायब तहसीलदार सांची में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 राजेश गीते को जमानत प्रक्रिया से जुड़े मामले में कथित रूप से पैसे लेते हुए देखा गया। वीडियो के सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वीडियो की प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कृत्य न केवल अवैधानिक है, बल्कि सरकारी सेवा में पदस्थ कर्मचारी के आचरण के बिल्कुल विपरीत भी है।
शासन की छवि को पहुंची ठेस
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं आम जनता के बीच शासन और प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन की ओर से यह भी माना गया कि वायरल वीडियो से राजस्व प्रशासन की साख पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और इससे आम लोगों में गलत संदेश गया है। (Raisen News)
आचरण नियमों का उल्लंघन
जांच में यह सामने आया कि राजेश गीते का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (i), (ii) और (iii) का उल्लंघन है। इन नियमों के तहत किसी भी शासकीय कर्मचारी से यह अपेक्षा की जाती है कि वह ईमानदारी, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे। (Raisen News)
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इसके अलावा यह मामला मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत दंडनीय पाया गया।
तत्काल प्रभाव से निलंबन
कलेक्टर विश्वकर्मा ने नियम 9 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए राजेश गीते को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, रायसेन नियत किया गया है। (Raisen News)
निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान गीते को शासन के नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने की पात्रता होगी। साथ ही मामले की विभागीय जांच आगे जारी रहेगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। (Raisen News)
प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और अनुचित आचरण के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। चाहे कर्मचारी किसी भी पद पर क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई तय है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि इस तरह के कदम प्रशासन पर लोगों का भरोसा मजबूत करते हैं। (Raisen News)
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल प्रशासन द्वारा वीडियो की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष की गंभीरता के आधार पर गीते के खिलाफ और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। (Raisen News)