जैसा कि हम सब जानते हैं, इस साल की बाढ़ ने कई जगहों पर भारी तबाही मचाई है और प्रयागराज भी इससे अछूता नहीं रहा. कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे हजारों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. ऐसे मुश्किल वक्त में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खुद मोर्चा संभाला है. सोमवार को उन्होंने प्रयागराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और फिर खुद राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों का हाल जाना.
Table of Contents
हेलीकॉप्टर से लिया जायजा, फिर पहुंचे राहत शिविर
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने प्रयागराज के दारागंज, बघाड़ा, सलोरी, गोविंदपुर जैसे कई बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से जायजा लिया. आसमान से उन्होंने देखा कि किस तरह पानी ने चारों ओर अपना कब्जा जमा लिया है. इसके बाद, वो सीधा जमीन पर उतरे और ब्वॉयज हाईस्कूल एंड कॉलेज और वाईएमसीए सेंटीनरी स्कूल एंड कॉलेज में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्रों का दौरा किया.
इन राहत शिविरों में पहुंचकर उन्होंने न सिर्फ व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, बल्कि वहां रह रहे लोगों से सीधे बातचीत भी की. उन्होंने पीड़ितों से पूछा कि उन्हें चाय, नाश्ता, खाना और बच्चों के लिए दूध जैसी चीजें ठीक से मिल रही हैं या नहीं. लोगों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और बताया कि उन्हें सभी चीजें समय पर और अच्छी मिल रही हैं. डिप्टी सीएम ने अपने हाथों से लोगों को राशन किट भी बांटे, जो इस मुश्किल घड़ी में उनके लिए एक बड़ी राहत थी.
“यह संकट सेवा का अवसर है”
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत शिविरों में भोजन, पानी, बिजली, साफ-सफाई और दवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखी जाएं. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस संकट को ‘सेवा का अवसर’ मानें और पूरी सेवा भाव से काम करें, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.
मौर्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि प्रयागराज का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ से प्रभावित हुआ है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस साल की बाढ़ 2013 के रिकॉर्ड को भी तोड़ती दिख रही है. कई लोगों के घर और खेत पानी में डूब गए हैं. उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनकी हर समस्या को गंभीरता से देख रही है.
नुकसान की भरपाई का आश्वासन
उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बाढ़ की वजह से जिसका भी जो नुकसान हुआ है, उसका आकलन बाढ़ खत्म होने के बाद किया जाएगा और पीड़ितों को उचित क्षतिपूर्ति दी जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे लोगों के खाने, पीने, रहने, दवाओं और अन्य जरूरतों की पूरी व्यवस्था की है. यदि किसी को किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो, तो वे हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी ले सकते हैं.