गोवर्धन (मथुरा)। Shatabdi Mahotsav राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का शताब्दी वर्ष इस बार पूरे देशभर में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को गोवर्धन कस्बे में संघ के स्वयंसेवकों ने भव्य पथ संचलन का आयोजन किया। यह कार्यक्रम न सिर्फ अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बना बल्कि स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी रहा।
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करीब 300 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में सजे-धजे कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते दिखे। यह अनुशासनबद्ध यात्रा जैसे ही बरसाना रोड स्थित चंद्रा गार्डन से शुरू हुई, वैसे ही पूरे इलाके का माहौल देशभक्ति से गूंज उठा। लगभग दो किलोमीटर लंबा यह संचलन बड़ा बाजार, चकलेश्वर महादेव, दसविसा, सोंख अड्डा और दानघाटी मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए मुरारी कुंज स्कूल पर आकर संपन्न हुआ। Shatabdi Mahotsav
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
इस पथ संचलन के दौरान स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने स्वयंसेवकों का खुले दिल से स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा की गई, तो कहीं जयकारों के साथ उन्हें सम्मानित किया गया। लोगों ने इसे राष्ट्र सेवा और सामाजिक समरसता का शानदार उदाहरण बताया।
संत सियाराम बाबा की उपस्थिति
इस आयोजन की शुरुआत संत सियाराम बाबा की अध्यक्षता और मार्गदर्शन में हुई। उन्होंने सबसे पहले भारत माता और शस्त्र पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। इस मौके पर उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा में संघ की भूमिका हमेशा से अहम रही है। Shatabdi Mahotsav
बौद्धिक कार्यक्रम और पंच परिवर्तन पर जोर
कार्यक्रम के समापन पर आयोजित बौद्धिक सत्र में जिला प्रचारक कुश जी भाई साहब ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रीय एकता, चरित्र निर्माण और समाज सेवा में संघ की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने “पंच परिवर्तन” की अवधारणा पर विशेष जोर दिया और बताया कि यह समय बदलाव लाने का है, ताकि समाज और राष्ट्र मजबूत हो सके। Shatabdi Mahotsav
पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें नगर संचालक बबलू जी, खंड कार्यवाह भानू जी, खंड प्रचारक अमित जी, नगर कार्यवाह राकेश जी, जिला बौद्धिक प्रमुख बहादुर जी, जिला शारीरिक प्रमुख रामेश्वर जी और प्रचार प्रमुख कान्हा जी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में शताब्दी वर्ष को सामाजिक समरसता और राष्ट्र के उत्थान का वर्ष बनाने का संकल्प लिया। Shatabdi Mahotsav
शताब्दी वर्ष का संदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह शताब्दी समारोह सिर्फ एक उत्सव नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश देने का अवसर भी है। गोवर्धन में आयोजित यह पथ संचलन इस बात का उदाहरण बना कि जब अनुशासन, संस्कृति और सेवा भाव एक साथ आते हैं तो समाज और राष्ट्र को नई दिशा मिलती है। Shatabdi Mahotsav
स्थानीय लोगों की राय
पथ संचलन देखने पहुंचे स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से युवाओं में अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत होती है। व्यापारियों ने भी माना कि संघ के स्वयंसेवक समाज में हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाते हैं और ऐसे आयोजनों से पूरे क्षेत्र का माहौल बदल जाता है। Shatabdi Mahotsav
गोवर्धन में हुआ यह भव्य पथ संचलन आरएसएस की शताब्दी वर्षगांठ को यादगार बना गया। जहां एक ओर अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर समाज सेवा और पंच परिवर्तन पर जोर देकर लोगों को प्रेरित किया गया। यह आयोजन आने वाले समय में समाज में नई ऊर्जा और एकजुटता लाने का काम करेगा। Shatabdi Mahotsav
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