Mathura (उत्तर प्रदेश): Ram Barat mathura जब मौका हो मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की बारात का, तो भला कौन घर में टिकेगा? कुछ ऐसा ही शानदार और भक्तिमय नज़ारा देखने को मिला पलसों गाँव में, जहाँ ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों के साथ भगवान राम की भव्य और ऐतिहासिक बारात निकाली गई. इस बारात की सबसे ख़ास बात यह थी कि इसमें एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों मनमोहक झांकियां शामिल थीं, जिन्हें देखने के लिए गाँव की गलियों में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.
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ढोल-ताशों और बैंड-बाजों पर झूमे बाराती
पलसों गाँव में चल रही प्राचीन आदर्श रामलीला कमेटी के सदस्यों ने मिलकर इस बारात का आयोजन किया, जो पूरी तरह से भक्ति और उत्साह से सराबोर थी. जैसे ही बैंड-बाजों की मधुर धुनें और डीजे के भक्ति गीत गाँव की हवा में घुले, माहौल एकदम से राममय हो गया. बारात में चल रहे लोग, चाहे वे गाँव के बड़े-बुजुर्ग हों या जोश से भरे युवा, सभी नाचते-गाते, झूमते-दिखाई दिए. हर चेहरा प्रभु राम के आगमन की ख़ुशी से दमक रहा था. Ram Barat mathura
बारात का आरम्भ गाँव के मुख्य घड़ी तिराहे से हुआ. यहाँ से शुरू होकर यह बारात पूरे गाँव की परिक्रमा करते हुए, मुख्य मंदिर की ओर बढ़ी. रास्ते भर लोगों ने छतों से फूलों की वर्षा की और प्रभु राम के जयकारे लगाए. Ram Barat mathura
घोड़ों पर सवार दूल्हा बने श्रीराम और उनके भाई
इस बारात का केंद्र थीं वो मनमोहक झांकियां, जिन्होंने सचमुच सबका मन मोह लिया. सबसे आगे, दूल्हा बने प्रभु राम अपने तीनों भाइयों – भरत, लक्ष्मण, और शत्रुघ्न के साथ घोड़ों पर सवार होकर निकले. उनके चेहरे पर एक अलौकिक तेज था, जिसे देखकर हर कोई बस निहारता रह गया. Ram Barat mathura
राम-लक्ष्मण की झांकी के अलावा, बारात में भगवान गणेश, शिव-पार्वती, शक्ति स्वरूपा माता दुर्गा और गुरु वसिष्ठ समेत कई देवी-देवताओं की सजीव झांकियां भी शामिल थीं. इन झांकियों में कलाकारों का अद्भुत रूप और सज्जा ऐसी थी कि लग रहा था मानो साक्षात देवी-देवता ही दर्शन देने गाँव में पधारे हों. बच्चों से लेकर बड़े तक, सभी इन झांकियों की एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखे. गाँव की गली-गली में दर्शनार्थियों की लंबी कतार लगी रही. Ram Barat mathura
दूसरी रामलीला मंच पर भव्य स्वागत
जब यह शानदार बारात गाँव की परिक्रमा पूरी करते हुए मंदिर के पास पहुंची, तो एक बड़ा ही भावुक और मिलनसार दृश्य देखने को मिला. गाँव में ही दूसरी जगह चल रही रामलीला के मंच पर, बारात का भव्य स्वागत किया गया. मंच के सदस्यों और कलाकारों ने मिलकर भगवान श्री राम और उनके साथ आए सभी बरातियों का दिल खोलकर अभिनन्दन किया. यह क्षण गाँव की एकता और धर्मपरायणता को दिखाता है, जब दो अलग-अलग रामलीला कमेटी एक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए एकजुट होते हैं.
समाज के कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने में गाँव के कई गणमान्य लोगों का योगदान रहा. बारात में सक्रिय रूप से शामिल होकर अपनी भक्ति और उत्साह का प्रदर्शन करने वालों में जयदेव प्रधान, दुर्गा ठेकेदार, राधाकृष्ण डीलर, श्रीचंद्र शर्मा, भगवत शर्मा, माधव विष्णु पटेल, अतीत, पंकज, दाऊदयाल, मास्टर जगमोहन, दीपक शर्मा, लखन व्यास, रम्मो नेता, भूदेव शर्मा, शंकर लाल, हरदयाल शर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे. Ram Barat mathura
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इस तरह, पलसों गाँव की यह राम बारात केवल एक धार्मिक जुलूस नहीं रही, बल्कि यह गाँव के लोगों की आस्था, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का एक जीवंत प्रमाण बन गई. ‘जय श्रीराम’ की ध्वनि के साथ यह गाँव एक बार फिर से भक्ति के रंग में सराबोर हो गया. इस भव्य आयोजन ने आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक यादगार छाप छोड़ी है कि आस्था और भक्ति का रंग कितना गहरा और उत्साहपूर्ण हो सकता है. Ram Barat mathura
यह भव्य राम बारात न केवल पलसों गाँव, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, जो हमारी प्राचीन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को दर्शाती है. जिस तरह से गाँव के सभी लोगों ने एकजुट होकर इसे सफल बनाया, वह वाकई काबिले तारीफ है.