लखनऊ में (Lucknow illegal construction) विकास और निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल किसी से छिपा नहीं है। एक तरफ़ जहां एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ उन्हीं के आदेशों को कुछ अधिकारी फाइलों से “गायब” करवा रहे हैं। सीतापुर रोड स्थित नवीकोट नंदना क्षेत्र में फ़ौजी ढाबा के पास सील की गई आवासीय योजना में अब खुलेआम व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है।
Table of Contents
बताया जा रहा है कि बड़े बिल्डर अग्रवाल ने सील तोड़कर निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया है। यह सब एलडीए के प्रवर्तन जोन 04 के जेई हेमंत कुमार और जोनल अफसर की मिलीभगत से हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों अधिकारियों ने न केवल वीसी के आदेशों को नजरअंदाज किया, बल्कि पूरी फाइल ही गायब करवा दी, ताकि कार्रवाई की गुंजाइश ही न बचे।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
सील तोड़कर जारी अवैध निर्माण
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले से ही आवासीय योजना के रूप में सील किया गया था। इसके बावजूद बिल्डर ने सील तोड़कर व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू कर दिया। इस पर एलडीए की ओर से न तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई, न ही कोई एफआईआर दर्ज की गई। (Lucknow illegal construction)
यह सिर्फ एक इमारत का मामला नहीं, बल्कि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। जब एलडीए खुद अपनी सील नहीं बचा पा रहा, तो आम जनता से नियमों का पालन करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
वीसी के आदेशों की खुली अनदेखी
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सभी जोनों को सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। लेकिन नवीकोट नंदना में चल रहे इस निर्माण को देखकर साफ है कि आदेश केवल फाइलों में दबे रह गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस योजना से जुड़ी फाइल में सीलिंग और ध्वस्तीकरण के आदेश थे, जो अब रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं। अब सवाल यह है कि आखिर यह आदेश गायब कैसे हुए और किसके इशारे पर यह सब हुआ? (Lucknow illegal construction)
स्थानीय नागरिकों में बढ़ी नाराजगी
सीतापुर रोड के आसपास रहने वाले लोगों ने इस पूरे मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। नागरिकों का कहना है कि अगर प्रशासन इसी तरह आंख मूंदे रहेगा, तो जल्द ही पूरा इलाका अवैध निर्माणों का गढ़ बन जाएगा। (Lucknow illegal construction)
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए और जो भी अधिकारी इसमें शामिल हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। (Lucknow illegal construction)
अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार का नेटवर्क
यह मामला दिखाता है कि कैसे भ्रष्टाचार और मिलीभगत ने एलडीए के प्रवर्तन जोन 04 को खोखला बना दिया है। “एक गिराओ एक खाओ” की तर्ज पर सील किए गए भवनों को गिराने के बजाय, उन्हीं में फिर से निर्माण करा कर पैसा कमाने का गोरखधंधा चल रहा है।
ऐसे में यह केवल एक बिल्डर-विरोधी कार्रवाई का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार का संकेत है। अगर प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो यह नेटवर्क और मजबूत होगा तथा आम नागरिकों के लिए आवासीय नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह जाएंगे। (Lucknow illegal construction)
प्रशासन को लेना होगा सख्त फैसला
स्थानीय जनता और जागरूक संगठनों की मांग है कि वीसी स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग करें और जोन 04 के जेई और ज़ोनल अफसर के खिलाफ तत्काल निलंबन और विभागीय जांच की जाए। साथ ही, सील तोड़ने वाले बिल्डर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि आगे कोई भी बिल्डर नियमों की अनदेखी करने की हिम्मत न कर सके। (Lucknow illegal construction)
लखनऊ विकास प्राधिकरण का यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र की सच्चाई को उजागर करता है। अब देखना यह है कि क्या एलडीए अपने ही अफसरों पर सख्त कार्रवाई करता है, या फिर यह फाइल भी बाकी मामलों की तरह धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चली जाएगी। (Lucknow illegal construction)