गोवर्धन। Govardhan Ramleela 2025 गिर्राज महाराज की पावन नगरी गोवर्धन में चल रहा रामलीला महोत्सव इन दिनों भक्तिमय माहौल बना रहा है। नगर पंचायत कार्यालय के पास बने विशाल रामलीला मैदान में शुक्रवार की रात सूर्पणखा अंग भंग और माता सीता हरण की लीला का अद्भुत मंचन किया गया, जिसे देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
Table of Contents
रामलीला की शुरुआत सूर्पणखा के पंचवटी आगमन से हुई। जब उसने भगवान राम और लक्ष्मण को देखा तो उनके स्वरूप से मोहित होकर विवाह का प्रस्ताव रख दिया। वह गीत गाकर और नाचकर दोनों को रिझाने की कोशिश करने लगी। लेकिन जब राम और लक्ष्मण ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया तो सूर्पणखा अपने रौद्र रूप में आ गई और माता सीता पर झपट पड़ी। तभी लक्ष्मण जी ने उसका नाक और कान काट दिए। घायल सूर्पणखा रोती-बिलखती रावण के दरबार पहुंची और अपमान का बदला लेने की गुहार लगाई। Govardhan Ramleela 2025
इसके बाद मंचन में खर-दूषण जैसे राक्षसों का वध दिखाया गया और अंत में रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण कर लंका ले गया। इस पूरे प्रसंग ने उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। Govardhan Ramleela 2025
स्थानीय कलाकारों ने बांधा समा
रामलीला में रावण की भूमिका कस्बे के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रज्जो भैया के सुपुत्र रामधन ने निभाई। उनकी दमदार आवाज और प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छोटे बच्चे उनकी रौबदार अदायगी से सहम तक गए। वहीं भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के बाल स्वरूप भी आकर्षण का केंद्र रहे। Govardhan Ramleela 2025
सूर्पणखा की भूमिका में युवा कलाकार कृष्णा ने अपने अभिनय से पुरानी परंपरा को जीवंत कर दिया। उन्होंने “अब ब्याह रचाऊंगी राम तुम्हारे साथ” और “मेरे बांके बालम धनुर्धारी” जैसे गीतों पर अभिनय कर दर्शकों को खूब तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
संगीत और नृत्य ने बढ़ाई शोभा
रामलीला की व्यास गद्दी पर इस बार भी विख्यात कलाकार स्वामी महेश चंद्र शर्मा ने कमान संभाली। वे प्रतिदिन अपनी ओजस्वी वाणी से चौपाई गाकर और सुरीले गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर करते रहे।
इसके अलावा नकुल मुखिया और आयुष महेश्वरी ने रावण दरबार में महिला नर्तकी बनकर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। Govardhan Ramleela 2025
हर वर्ष की तरह इस बार भी युवाओं का उत्साह
गोवर्धन की रामलीला की खासियत यह है कि इसमें स्थानीय कलाकार ही मुख्य भूमिकाएं निभाते हैं। इस वर्ष भी कस्बे के सुरेश बाबा, दद्दा शर्मा, मुकुट कौशिक, सोनू शर्मा, राजू मास्टर, दाऊ दयाल शर्मा, हेमंत शर्मा, विष्णु पहलवान, आदित्य, दीपक, गुल्लू, जूली, कान्हा, कृष्ण, लब्बू, मोहित, सचिन समेत कई नवयुवक बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
उनके जोश और समर्पण ने इस धार्मिक आयोजन को और भी खास बना दिया है। Govardhan Ramleela 2025
भक्तिमय वातावरण में डूबे श्रद्धालु
रामलीला मंचन के दौरान मैदान में मौजूद हर व्यक्ति रामकथा में खो गया। जब-जब राम और लक्ष्मण के शौर्य का मंचन हुआ, लोग जयकारों से मैदान गूंजा उठे। वहीं रावण के आगमन और सीता हरण के दृश्य ने वातावरण को गहरा बना दिया।
हर साल की तरह इस बार भी गोवर्धन की रामलीला ने परंपरा और संस्कृति का शानदार संगम प्रस्तुत किया। यह सिर्फ एक मंचन नहीं बल्कि भक्तिभाव और लोककला का अनूठा उत्सव है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमारी संस्कृति से जोड़ता है।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08