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BKT Vidhansabha पहाड़पुर ग्लूकोज़ फैक्ट्री से फैल रहा प्रदूषण: ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से की नियामक कार्रवाई की मांग

BKT Vidhansabha बीकेटी विधानसभा क्षेत्र के पहाड़पुर और मोहम्मदपुर में फैक्ट्रियों से फैल रहे जल व वायु प्रदूषण ने ग्रामीणों की सांसें मुश्किल कर दी हैं। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से सख्त नियामक कार्रवाई की मांग की।

On: September 26, 2025 8:20 PM
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लखनऊ BKT Vidhansabha जिले के बीकेटी विधानसभा क्षेत्र का पहाड़पुर और उसके आसपास का इलाका इन दिनों गंभीर पर्यावरणीय समस्या से जूझ रहा है। यहां पुरुषोत्तम राम ग्लूकोज़ फैक्ट्री और मोहम्मदपुर की रामनिवास फ्लोर मिल से निकलने वाले जहरीले धुएं और दूषित पानी ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार विरोध और शिकायतों के बावजूद न तो फैक्ट्री प्रबंधन कोई ठोस कदम उठा रहा है और न ही प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई हो रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड केवल दिखावे की कार्रवाई करता है। जुर्माना और नोटिस देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रहती है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि अब लोग मुख्यमंत्री से सीधी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सांसों पर भारी जहरीली हवा

फैक्ट्रियों से निकलने वाले सूक्ष्म कण और जहरीली गैस ने गांव की हवा को इतना प्रदूषित कर दिया है कि यहां लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। एलर्जी, अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। BKT Vidhansabha

ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्रियों से उठने वाला काला धुआं पूरे माहौल को धुंधला कर देता है। खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने के बाद भी घरों के अंदर धूल और बदबू भर जाती है। यही नहीं, लगातार इस जहरीली हवा के कारण खेतों की फसल पर भी असर पड़ने लगा है। BKT Vidhansabha

दूषित जल से फैल रहीं बीमारियां

हवा के साथ-साथ पानी भी प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला दूषित अपशिष्ट सीधे नालियों और खेतों में बहा दिया जाता है। इस वजह से भूमिगत जल स्रोत भी खराब हो रहे हैं। BKT Vidhansabha

कई गांवों में लोग पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायत कर रहे हैं। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि प्रदूषित पानी पीने से अक्सर पेट दर्द, दस्त और संक्रमण की समस्याएं बढ़ जाती हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नाकामी

स्थानीय लोगों का सबसे बड़ा सवाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका पर है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जिला प्रशासन और बोर्ड के अधिकारी फैक्ट्रियों को नोटिस देते हैं, जुर्माना ठोकते हैं, तो आखिर उसके बाद भी फैक्ट्रियों पर लगाम क्यों नहीं लगती?

लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते हैं और फैक्ट्री मालिकों को बचाते हैं। यही वजह है कि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है। BKT Vidhansabha

स्वास्थ्य शिविर और रोजगार के नाम पर ठगी

स्थानीय लोग फैक्ट्री प्रबंधन पर यह भी आरोप लगा रहे हैं कि फैक्ट्रियों ने ग्रामीणों से कई वादे किए थे। कहा गया था कि समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे और गांव के युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। लेकिन अब तक न तो स्वास्थ्य शिविर लगाए गए और न ही युवाओं को नौकरी दी गई। BKT Vidhansabha

इसके उलट, फैक्ट्री प्रबंधन बाहरी राज्यों से मजदूर बुलाकर काम करा रहा है। इससे स्थानीय युवा बेरोजगार घूम रहे हैं और रोजगार की तलाश में दिल्ली, मुंबई, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों में भटक रहे हैं। BKT Vidhansabha

रिहायशी इलाके में चल रहीं फैक्ट्रियां

ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि ये फैक्ट्रियां रिहायशी इलाकों के बीच चल रही हैं। ऐसे में यहां रहने वाले हजारों लोगों के जीवन पर सीधा संकट मंडरा रहा है। BKT Vidhansabha

ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं और गंदी बदबूदार गैस सीधा घरों में घुसती है। वहीं दूषित पानी आसपास की जमीन और पेयजल स्रोतों को खराब कर रहा है। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो आने वाले सालों में गांवों में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है। BKT Vidhansabha

सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल

लोगों ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रदेश सरकार स्वच्छ हवा और पानी की गारंटी की बात करती है, तो फिर इन फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

उनका कहना है कि अधिकारी अपने निजी हितों के चलते लापरवाही बरत रहे हैं। अगर यही रवैया चलता रहा तो प्रदेश सरकार की गारंटियां और दावे केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे। BKT Vidhansabha

https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08

विधायक की चेतावनी भी बेअसर

स्थानीय विधायक योगेश शुक्ला ने भी कई बार चेतावनी दी है कि फैक्ट्री प्रबंधन पर्यावरणीय मानकों का पालन करे। लेकिन इन चेतावनियों का कोई असर नहीं दिख रहा। फैक्ट्री मालिक न नियम मान रहे हैं और न ही ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से ले रहे हैं। BKT Vidhansabha

इससे ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। BKT Vidhansabha

मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग

गांवों के लोगों ने अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इन फैक्ट्रियों पर नियामक कार्रवाई की जाए। ग्रामीण चाहते हैं कि या तो फैक्ट्रियां प्रदूषण रोकने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाएं या फिर इन्हें रिहायशी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट किया जाए।

https://dainikhistory.com/

ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने, सभी को सुरक्षा देने और स्वच्छ हवा-पानी उपलब्ध कराने का वादा किया है। अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री खुद इस मुद्दे पर दखल दें और लोगों को राहत दिलाएं। BKT Vidhansabha

बीकेटी क्षेत्र के पहाड़पुर, मोहम्मदपुर, अतरौरा और पलिया जैसे गांवों में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। जहरीली हवा और दूषित पानी ने ग्रामीणों को बीमारी और बेरोजगारी दोनों की मार झेलने पर मजबूर कर दिया है। BKT Vidhansabha

लोगों की यही उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले को गंभीरता से लें और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर नियामक कार्रवाई करें। आखिरकार स्वच्छ हवा और पानी हर नागरिक का अधिकार है, और इसे सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी भी।

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अजय सिंह चौहान लखनऊ

अजय सिंह चौहान – एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार अजय सिंह चौहान लखनऊ (उत्तर प्रदेश) निवासी एक वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकार हैं, जिन्होंने पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में पिछले ढाई दशकों से उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्ष 2009 में उन्होंने आगरा से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे निरंतर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे और उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में लखनऊ जिले के संवाददाता के रूप में कार्य करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अपने 25 वर्षों के व्यापक अनुभव के दौरान अजय सिंह चौहान ने जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग, जनहित से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों को मजबूती से उठाया। उन्होंने पत्रकारिता को केवल एक पेशा न मानकर, समाज सेवा का सशक्त माध्यम माना और हमेशा निष्पक्ष, निर्भीक व जनपक्षधर लेखन को प्राथमिकता दी। वर्तमान में अजय सिंह चौहान मध्य प्रदेश के प्रमुख हिन्दी दैनिक स्वदेश के लखनऊ संस्करण में ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली, अनुभव और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें न केवल एक कुशल पत्रकार, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बना दिया है।

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