रविशंकर सोनी , Vishwakarma Jayanti पन्ना जिले के पवई नगर में मंगलवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में विशाल और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। परंपरागत गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और झंडों के साथ शुरू हुई यह शोभायात्रा पूरे नगर में आकर्षण का केंद्र बनी रही। श्रद्धा और उल्लास से भरे समाज के लोग बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए।
Table of Contents
शोभायात्रा का मार्ग और स्वागत
यह शोभायात्रा सलेहा तिराह से प्रारंभ होकर करही तिराहा, मिलौनीगंज, बस स्टैंड, गांधी चौक, झंडाबाजार होते हुए कन्याशाला पहुंची। इसके बाद यह यात्रा माता करेही मंदिर परिसर में संपन्न हुई, जहां भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
नगर के विभिन्न स्थानों पर शोभायात्रा का फूलों की वर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया गया। सड़क किनारे खड़े लोग यात्रा को निहारते रहे और जगह-जगह श्रद्धालुओं ने समाज के प्रति अपना प्रेम और आस्था व्यक्त की। Vishwakarma Jayanti
बारिश में भी नहीं थमा उत्साह
शोभायात्रा के दौरान झमाझम बारिश भी हुई, लेकिन समाज के लोगों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ। भीगते हुए लोग गीत-संगीत और नृत्य में शामिल रहे। श्रद्धा और भक्ति का ऐसा नजारा देखने वालों को भावुक कर गया। Vishwakarma Jayanti
विशेष अतिथियों की मौजूदगी
इस अवसर पर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक भाड जी कच्छ, गुजरात के विधायक प्रहलाद लोधी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शिक्षा ही वह साधन है, जो समाज को आगे बढ़ाने और हर क्षेत्र में उसकी मजबूत पहचान बनाने में सहायक है। Vishwakarma Jayanti
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
उन्होंने यह भी कहा कि समाज को आपसी मनमुटाव और बुराइयों को छोड़कर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। “हर क्षेत्र में समाज की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए और हर परिवार शिक्षा और संस्कार की ओर ध्यान दे” – यही उनका मुख्य संदेश रहा।
समाज की एकजुटता का उदाहरण
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा शामिल हुए। आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी लोग भारी संख्या में पहुंचे। प्रभुदयाल विश्वकर्मा, देशराज विश्वकर्मा, बृजेश विश्वकर्मा, सुभाष विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा, संतोष, कमलेश, नत्थू, पप्पू और सीताराम सहित समाज के कई वरिष्ठ और युवा सदस्य आयोजन में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। Vishwakarma Jayanti
भव्य भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था
पूजन-अर्चन के बाद मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण और सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे से मिलकर समाजिक एकता को और मजबूत किया। Vishwakarma Jayanti
पवई में आयोजित यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि समाजिक एकता, शिक्षा और संस्कार का संदेश भी देती रही। बारिश के बावजूद समाज के लोगों का जो उत्साह दिखा, वह इस बात का प्रमाण है कि विश्वकर्मा समाज अपनी परंपराओं और मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रखता है। Vishwakarma Jayanti
यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को न केवल धर्म और संस्कृति से जोड़ने का काम करेगा, बल्कि शिक्षा और सामाजिक एकता की राह पर भी प्रेरित करेगा। Vishwakarma Jayanti