प्रदीप कुमार दुर्ग ( Navratri 2025 Padayatra ) नवरात्रि का पावन पर्व भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस बार छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की शुरुआत होने जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे प्रदेश की पहली महिला जनप्रतिनिधि के रूप में 100 किलोमीटर पैदल यात्रा कर डोंगरगढ़ स्थित मां बमलेश्वरी देवी के दर्शन करने जा रही हैं। खास बात यह है कि इस यात्रा में अकेली वे ही नहीं होंगी, बल्कि उनके साथ 500 से अधिक महिलाएं भी कदम से कदम मिलाएंगी।
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जामुल से होगी शुरुआत
यह ऐतिहासिक पदयात्रा नवरात्रि के तीसरे दिन जामुल के दुर्गा मंदिर से शुरू होगी और डोंगरगढ़ मां बमलेश्वरी मंदिर तक पहुंचेगी। आयोजन की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। सरस्वती बंजारे ने बताया कि “मातृशक्ति जब कुछ ठान लेती है तो उसे पूरा करके ही रहती है। यह यात्रा सिर्फ दर्शन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को तीन बड़े संदेश देने का माध्यम भी बनेगी।”
तीन संकल्पों से जुड़ी यात्रा
इस यात्रा का उद्देश्य महिलाओं की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक संदेश को भी लोगों तक पहुंचाना है।
- बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ – ताकि बेटियां शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ें और आत्मनिर्भर बनें।
- नारी सशक्तिकरण – जिससे महिलाएं हर क्षेत्र में मजबूत भूमिका निभा सकें और समाज में बराबरी का दर्जा पा सकें।
- सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार – ताकि हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आने वाली पीढ़ियों में भी जीवंत बनी रहें।
सरस्वती बंजारे का कहना है कि पहले समय में बड़ी संख्या में महिलाएं पैदल चलकर डोंगरगढ़ दर्शन करने जाया करती थीं, लेकिन आज के आधुनिक जीवन में यह परंपरा कमजोर पड़ गई है। इस यात्रा के जरिए न केवल उस परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास होगा, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार भी होगा। ( Navratri 2025 Padayatra )
महिलाओं की बड़ी भागीदारी
पदयात्रा में 500 से अधिक महिलाएं शामिल होंगी। वे अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से आकर इस यात्रा में हिस्सा लेंगी। महिलाएं भक्ति गीत गाते हुए, जयकारे लगाते हुए और मां बमलेश्वरी के नाम की जय बोलते हुए पैदल यात्रा पूरी करेंगी। इस दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलेगा। ( Navratri 2025 Padayatra )
प्रशासन ने संभाली कमान
( Navratri 2025 Padayatra ) चूंकि यात्रा लंबी है और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास तैयारी की है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम हर कदम पर यात्रियों के साथ रहेगी। जगह-जगह विश्राम स्थलों और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि कोई असुविधा न हो।
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नवरात्रि को मिलेगी नई पहचान
इस पदयात्रा को लोग सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं देख रहे हैं, बल्कि इसे नारी शक्ति के जागरण और सामाजिक संदेशों से भी जोड़कर देख रहे हैं। नवरात्रि के अवसर पर इस यात्रा ने लोगों में नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया है। ( Navratri 2025 Padayatra )
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
यह यात्रा सिर्फ एक पहल नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग भी बनेगी। महिलाएं यदि ठान लें तो किसी भी क्षेत्र में बदलाव ला सकती हैं। सरस्वती बंजारे की यह पहल इस बात का जीता-जागता उदाहरण है। ( Navratri 2025 Padayatra )
छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अनूठा संदेश है।
नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर शुरू होने वाली यह 100 किलोमीटर लंबी पदयात्रा छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अनूठा संदेश है। यह दिखाती है कि आस्था के साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे की यह पहल न केवल महिलाओं को प्रेरित करेगी बल्कि आने वाले समय में इसे नारी शक्ति की मिसाल के रूप में याद किया जाएगा। ( Navratri 2025 Padayatra )