इंदौर। हरतालिका तीज का पर्व हर साल सावन के महीने में बड़े उत्साह और श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र की कामना और युवतियों द्वारा अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इस बार 26 अगस्त 2025 को इंदौर के ह्रदयस्थली राजवाड़ा में लोक संस्कृति मंच की ओर से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है।
Hartalika Teej: A grand bhajan evening will be organized at Rajwada, Indore on 26 August 2025, where women will keep a fast for the long life of their husbands and young girls will keep a fast for a good groom.
लोक संस्कृति मंच के संयोजक और लोकप्रिय सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि हरतालिका तीज का व्रत महिलाएं दिनभर निर्जला रखती हैं और भगवान शिव–पार्वती की भक्ति में डूब जाती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं उपवास करती हैं और रात्रि में भजन, आरती और नृत्य के माध्यम से भगवान शिव की पूजा करती हैं। व्रत तीज के दिन से शुरू होता है और अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजन के बाद खोला जाता है।
कार्यक्रम संयोजक सतीश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राजवाड़ा पर आयोजित भव्य भजन संध्या शाम 9:00 बजे से शुरू होगी। इस संध्या में प्रसिद्ध कलाकार गन्नू महाराज अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिभाव से भर देंगे। इसके अलावा कई अन्य कलाकार भी इस भजन संध्या में अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
भजन संध्या के दौरान महिलाएं और युवतियां देर रात तक नृत्य और भजन की धुन पर भगवान शिव की आराधना करती रहेंगी। यह आयोजन केवल शहर की महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों से भी सैकड़ों महिलाएं और युवतियां इसमें शामिल होती हैं। पूरे आयोजन में जागरण चलता है और शिव–पार्वती की महिमा का गुणगान किया जाता है।
सतीश शर्मा ने बताया कि इस भजन संध्या का मुख्य उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि महिलाओं और युवतियों को सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ना भी है। आयोजन में शामिल होने वाली सभी प्रतिभागियों को शिव पार्वती की भक्ति और संस्कृति के महत्व का अनुभव मिलेगा।
हरतालिका तीज के दिन महिलाएं पारंपरिक पोशाकों में सजी धजी नजर आती हैं। वे रात्रि भर जागरण करते हुए भजन और आरती में भाग लेती हैं। इस दिन का व्रत, भजन और नृत्य न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह महिलाओं के जीवन में सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
भजन संध्या और हरतालिका तीज का यह आयोजन इंदौर की सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने का काम करेगा। लोग इसे देखने और अनुभव करने के लिए उत्सुक रहते हैं। खासकर युवा पीढ़ी के लिए यह अवसर उन्हें हमारी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का अनोखा माध्यम साबित होता है।
इंदौर के ह्रदयस्थली राजवाड़ा में आयोजित यह भजन संध्या हरतालिका तीज के महत्व को दर्शाती है और महिलाओं की आस्था और भक्ति को समर्पित एक अद्भुत अनुभव प्रदान करती है।