रविशंकर सोनी Haritalika Teej fast पन्ना जिले के पवई सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को हरितालिका तीज का पावन पर्व बड़ी ही श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। सुहागन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा, वहीं युवतियों ने मनचाहा और सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए यह कठिन व्रत किया।
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Haritalika Teej fast
यह पर्व हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या और निर्जल व्रत किया था। तभी से यह व्रत सुहागन महिलाओं और कन्याओं के बीच सबसे कठिन और श्रेष्ठ माना जाता है।
पूजा-अर्चना और सामूहिक आयोजन
नगर के चौरसिया मोहल्ला, मानस कॉलोनी, गांधी चौक, नन्ही पवई सहित कई इलाकों में महिलाओं ने मिट्टी से बने भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाओं के सामने पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की। आचार्य पंडितों द्वारा व्रत कथा का श्रवण कराया गया। महिलाएं दिनभर भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों में डूबी रहीं और देर रात तक जागरण का आयोजन किया गया।
सुबह से ही महिलाएं इस पर्व की तैयारियों में जुटी रहीं। घरों को सजाया गया, व्रतियों ने पारंपरिक परिधान धारण किए और हाथों में मेहंदी रचाकर तीज माता का स्वागत किया।
व्रत का महत्व और आस्था
हरितालिका तीज को निर्जला व्रत कहा जाता है क्योंकि इसमें महिलाएं जल और अन्न का सेवन नहीं करतीं। यह व्रत स्त्रियों के लिए न सिर्फ आस्था का प्रतीक है बल्कि वैवाहिक जीवन की खुशहाली और दांपत्य सुख के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।https://dainikhistory.com/
ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं ने सामूहिक रूप से हरितालिका तीज का पर्व मनाया। गांवों में बड़े-बड़े पंडाल सजाए गए, जहां महिलाएं एकत्र होकर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन करती रहीं।
फुलहरा विसर्जन के साथ व्रत पूर्ण
दूसरे दिन प्रातःकाल फुलहरा का विसर्जन कर व्रत का समापन किया गया। महिलाएं और युवतियां एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं देती रहीं और घर-घर उत्सव का माहौल दिखाई दिया।
यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। महिलाएं इस अवसर पर एक-दूसरे से मिलने जाती हैं और मिठाइयां एवं पारंपरिक व्यंजन साझा कर आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देती हैं।
पवई और आसपास के इलाकों में हरितालिका तीज का उल्लास देखते ही बनता था। हर गली-मोहल्ले में भक्ति और उत्साह का माहौल था।https://dainikhistory.com/raisen/waterless-fast-of-teej-for-the-longevity-of-husband-women-kept-teejs-nirjala-fast-immersed-in-devotion-to-shiv-parvati/