प्रदीप कुमार दुर्ग। दिल्ली प्रवास के दौरान भाजयुमो के युवा नेता प्रशम दत्ता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग ठाकुर से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
इस बातचीत का केंद्रबिंदु रहा स्टार्टअप कल्चर, रोजगार के अवसर, नवाचार और उद्यमिता। प्रशम दत्ता ने अनुराग ठाकुर के सामने युवाओं की समस्याओं को रखते हुए कहा कि देशभर में तेजी से बढ़ती स्टार्टअप संस्कृति ने नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है। आज लाखों युवा अपने आइडिया को बिज़नेस में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रास्ते में कई चुनौतियाँ भी हैं।
स्टार्टअप्स के सामने चुनौतियाँ
प्रशम दत्ता ने कहा कि युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या है फंडिंग की कमी और निवेशकों तक पहुंच। कई बार सही मार्गदर्शन न मिलने की वजह से अच्छे आइडिया बीच रास्ते में ही रुक जाते हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं की जानकारी हर युवा तक नहीं पहुंच पाती।
उन्होंने अनुराग ठाकुर से आग्रह किया कि युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएं, जिससे उन्हें बिज़नेस मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग की समझ मिल सके। साथ ही निवेश सहायता और स्किल डेवलपमेंट योजनाओं को और मजबूत करने की जरूरत बताई।
अनुराग ठाकुर का भरोसा
अनुराग ठाकुर ने इस पहल की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार युवाओं के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप देशों में गिना जाता है और सरकार का लक्ष्य है कि इस विकास में देश का हर युवा भागीदार बने।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं युवाओं को नए अवसर देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक युवा न केवल नौकरी तलाशें, बल्कि खुद रोजगार देने वाले बनें।
रोजगार और नवाचार पर विस्तृत चर्चा
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने युवाओं के रोजगार, कौशल विकास, डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार और नवाचार को बढ़ावा देने के उपायों पर भी चर्चा की। प्रशम दत्ता ने कहा कि यदि सही दिशा और सहयोग मिले तो देश के युवा न सिर्फ अपने लिए बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर बना सकते हैं।
अनुराग ठाकुर ने इस बात से सहमति जताई और कहा कि सरकार इस दिशा में निरंतर काम कर रही है। आने वाले समय में युवाओं के लिए ऐसे प्रशिक्षण और निवेश योजनाएं लाई जाएंगी, जिनसे भारत की स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।
सार्थक रही मुलाकात
कुल मिलाकर यह मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य और भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर सार्थक बातचीत रही। इससे यह साफ संकेत मिला कि आने वाले समय में केंद्र सरकार युवाओं की प्रतिभा को और अधिक निखारने और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने पर जोर देगी।
प्रशम दत्ता की पहल ने यह संदेश भी दिया कि युवा नेता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के विकास में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।