उदयपुरा। (UDAIPURA NEWS) कहते हैं सच बोलने के लिए हिम्मत चाहिए, और ये हिम्मत दिखाई रायसेन जिले के उदयपुरा ब्लॉक के ग्राम बोरास के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग दादा ने। बुधवार को बोरास में आयोजित “आपका सेवक आपके द्वार” कार्यक्रम में जैसे ही मंच पर स्वास्थ्य मंत्री स्थानीय विधायक नरेंद्र शिवाजी पटेल पहुंचे, वैसे ही ये बुजुर्ग सीधे मंच पर चढ़ गए और माइक पकड़कर अपनी वर्षों पुरानी पीड़ा मंत्री के सामने कह डाली।
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सभा में मौजूद सैकड़ों लोग यह दृश्य देखकर दंग रह गए। हर कोई हैरान था कि आखिर इस उम्र में इतनी हिम्मत कहां से आई कि माइक पकड़कर मंत्री के सामने ही शिकायत रख दी। लेकिन दादा जी ने न तो किसी से डर दिखाया, न कोई लाग-लपेट रखी। उन्होंने कहा— “बड़े लोग तो उदयपुरा में बंगले बनाकर रहते हैं, गरीबों का कोई नहीं सुनता।” (UDAIPURA NEWS)
मंच पर बैठे मंत्री पटेल ने न केवल दादा जी की बात सुनी बल्कि खुद उठकर उनके पास गए और कहा— “दादा जी की बात बिल्कुल सही है, सब ताली बजाकर इनका अभिनंदन करो।” इस पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। (UDAIPURA NEWS)
“आपका सेवक आपके द्वार” कार्यक्रम में जुटी भीड़
बुधवार को रायसेन जिले के उदयपुरा ब्लॉक के ग्राम बोरास में ‘आपका सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे बमोरी बासौदा से हुई। (UDAIPURA NEWS)
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
बोरास गांव में मंदिर परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पर अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
मंत्री पटेल ने मंच से कहा—
“जिस दिन आपने मुझे वोट दिया, उसी दिन मैं आपका सेवक बन गया। मैं यहां आदेश देने नहीं, आपकी सेवा करने आया हूं।” (UDAIPURA NEWS)
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मंत्री ने जनता को समझाया उनका अधिकार
कार्यक्रम के दौरान मंत्री पटेल ने जनता को सरकारी पारदर्शिता के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि
“आज हर सरकारी काम खुले में होता है, हर निर्माण कार्य की जानकारी बोर्ड पर दर्ज होती है। जनता को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र के कामों का निरीक्षण करें, क्योंकि आप ही असली सरकार हैं।” (UDAIPURA NEWS)
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक बनाना है ताकि वे खुद अपने अधिकार और कर्तव्यों को समझें। (UDAIPURA NEWS)
80 वर्षीय ग्रामीण का मंच पर पहुंचना बना चर्चा का विषय
कार्यक्रम पूरी शालीनता से चल रहा था। लोग आवेदन दे रहे थे, अधिकारी समस्याओं का समाधान कर रहे थे। तभी अचानक मंच की तरफ से हलचल मची।
ग्राम बोरास के ही एक 80 वर्षीय बुजुर्ग बाबूलाल धीरे-धीरे मंच की सीढ़ियां चढ़ने लगे।
किसी को कुछ समझ नहीं आया कि ये क्या करने जा रहे हैं।
दादा जी सीधा मंच पर पहुंचे, माइक अपने हाथ में लिया और बिना किसी झिझक के बोलना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा—
“हम गरीब लोग बहुत परेशान हैं। यहां के बड़े-बड़े लोग उदयपुरा में रहते हैं। जिनके बड़े-बड़े बंगले बने हैं, लेकिन गरीबों की कोई नहीं सुनता। अस्पताल में डॉक्टर नहीं बैठते, लोग इलाज के बिना परेशान हैं। गांव की सड़कें खराब हैं, बोरास से उदयपुरा जाने वाली सड़क पर हर रोज एक्सीडेंट हो रहे हैं।” (UDAIPURA NEWS)
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मंच पर सन्नाटा, जनता ने बजाई ताली
जैसे ही दादा जी ने अपनी बात खत्म की, कुछ पल के लिए मंच पर सन्नाटा छा गया। अधिकारी एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे।
लोग सोच रहे थे कि अब मंत्री क्या कहेंगे। लेकिन आश्चर्य की बात ये रही कि मंत्री पटेल मुस्कुराते हुए मंच से उठे, खुद दादा जी के पास गए और कहा— (UDAIPURA NEWS)
“दादा जी ने जो बात कही, वो बिल्कुल सही है। उन्होंने दो मुद्दे उठाए हैं — सड़क और अस्पताल। मैं चाहता हूं कि सब लोग इनकी बात पर तालियां बजाएं।”
यह सुनकर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
दादा जी के चेहरे पर मुस्कान थी और मंत्री पटेल की विनम्रता देखकर लोगों ने भी सम्मान जताया।
सड़क हादसों पर बोले मंत्री — “नियम तोड़ना हमारी सबसे बड़ी गलती”
मंत्री पटेल ने दादा जी की बात का जवाब देते हुए कहा कि सड़क हादसे आज बड़ी चिंता का विषय हैं।
उन्होंने कहा—
“नेशनल हाईवे बनने के बाद ट्रैफिक बढ़ा है और हादसे भी। लेकिन सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती, जब तक जनता खुद जिम्मेदारी नहीं लेती।”
उन्होंने आगे कहा कि
“कई जगह लोगों ने खुद ही डिवाइडर तोड़ दिए हैं। स्कूल, ढाबा और पेट्रोल पंप वाले अपने रास्ते बना लेते हैं। ऐसे तो हादसे होंगे ही। सरकार ने नियम बनाए हैं, लेकिन पालन करने की जिम्मेदारी भी जनता की है।”
मंत्री ने साफ कहा कि सरकार सिर्फ कानून बना सकती है, पालन जनता को करना होगा।
“जो लोग बिना हेलमेट, शराब पीकर या ओवरस्पीड में वाहन चलाते हैं, वही एक्सीडेंट का शिकार बनते हैं। हमें जागरूक होना होगा।”
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अस्पताल की समस्या पर कांग्रेस पर साधा निशाना
दादा जी की शिकायत का दूसरा मुद्दा था — गांव का अस्पताल।
इस पर मंत्री पटेल ने कहा कि (UDAIPURA NEWS)
“आज जो स्वास्थ्य व्यवस्था की समस्या है, उसकी जिम्मेदार पुरानी कांग्रेस सरकार है। उन्होंने 50-60 साल में सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज बनाए, जबकि हमारी सरकार ने सिर्फ एक साल में 5 नए मेडिकल कॉलेज खोल दिए हैं।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब पुराने सिस्टम की खामियों को सुधारने में लगी है और आने वाले दिनों में हर जिले में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। (UDAIPURA NEWS)
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ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ मौके पर समाधान
कार्यक्रम के दौरान लगभग 200 से ज्यादा आवेदन आए, जिनमें से कई का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
बाकी मामलों में संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे जल्द से जल्द समस्याओं का निराकरण करें।
मंत्री ने कहा कि जनता की हर समस्या मेरी प्राथमिकता है।
“आपके द्वार आकर मुझे आपकी तकलीफें समझने का अवसर मिलता है। अब कोई भी शिकायत बिना हल के नहीं रहेगी।”
जनता बोली – “ऐसे कार्यक्रम हर गांव में होने चाहिए”
गांव वालों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से आम आदमी को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का मौका मिलता है।
कई ग्रामीणों ने कहा कि पहले उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब अधिकारी खुद गांव में आकर सुन रहे हैं।
80 वर्षीय दादा जी की हिम्मत ने सभी को प्रेरित किया।
लोगों ने कहा कि “जिस तरह मंत्री ने बुजुर्ग की बात सुनी और सम्मान किया, वो बताता है कि आज की राजनीति में भी संवेदनशील नेता मौजूद हैं।”
कार्यक्रम का संदेश – “सरकार हम सब की है”
पूरे कार्यक्रम का सार यही रहा कि जनता और सरकार के बीच दूरी खत्म होनी चाहिए।
मंत्री पटेल ने बार-बार कहा—
“सरकार कोई और नहीं है, आप ही सरकार हैं। जब हम नियमों का पालन करेंगे, तभी विकास संभव है।”
उन्होंने जनता से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं में खुद आगे आकर सहयोग करें।