सीहोर जिले के बुधनी नगर में अवैध जुआ और Sehore Crime News सट्टे का कारोबार लगातार पैर पसार रहा है। हालात यह हैं कि हर गली-मोहल्ले में नए-नए खाईबाज (सट्टा लगाने वाले) सामने आ रहे हैं। युवाओं का भविष्य इस नशे जैसी आदत की वजह से बर्बाद हो रहा है, जबकि सटोरिए लाखों रुपये रोज कमा रहे हैं। पुलिस की नाक के नीचे यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित नज़र आ रही है।
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नगर में नासूर की तरह फैल रहा सट्टा कारोबार
बुधनी नगर के मुख्य बाजार, बुधनीघाट और आसपास के इलाकों में जुएं और सट्टे का धंधा बेखौफ तरीके से चल रहा है। मोबाइल फोन और हाईटेक ऐप्स के जरिए यह कारोबार घर बैठे ही संचालित किया जा रहा है। खास बात यह है कि हार-जीत के इस खेल में युवा अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं, जबकि खाईवालों की जेब रोजाना मोटी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस या तो इस कारोबार से पूरी तरह बेखबर है या फिर आंखें मूंदकर सटोरियों को संरक्षण दे रही है। यही वजह है कि सट्टा कारोबारियों के हौसले बुलंद बने हुए हैं। Sehore Crime News
पुलिस के आंकड़े बता रहे हकीकत
अगर पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से सितंबर तक बुधनी थाना क्षेत्र में जुआ से जुड़े सिर्फ 1 मामला दर्ज किया गया, जिसमें 5 आरोपियों पर कार्रवाई हुई। वहीं, सट्टा से जुड़े 8 मामलों में 9 लोगों पर कार्यवाही की गई। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि पुलिस केवल छोटे-मोटे सटोरियों पर कार्रवाई कर अपनी डायरी भर रही है, जबकि बड़े खाईवाल बेखौफ कारोबार कर रहे हैं। Sehore Crime News
क्राइम मीटिंग का असर नहीं
हर महीने अपराधों की रोकथाम और पुराने मामलों के निपटारे के लिए पुलिस विभाग की क्राइम मीटिंग होती है। आला अधिकारी निर्देश भी देते हैं, लेकिन निचले स्तर पर अमल नहीं होता। यही कारण है कि जुआ-सट्टे जैसे अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहे हैं। नतीजा यह है कि अपराध रोकने की बजाय सट्टा कारोबार और ज्यादा फल-फूल रहा है। Sehore Crime News
हाईटेक खाईवाल और पुलिस की नाकामी
आज के समय में सट्टेबाज बेहद हाईटेक हो चुके हैं। पहले जहां कागज-कलम पर दांव लगाया जाता था, वहीं अब मोबाइल फोन और एप्लीकेशन से कारोबार होता है। आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान तो खुलेआम सट्टा चलता रहा। मीडिया में मामले उजागर भी हुए, लेकिन पुलिस की कार्रवाई महज दिखावा बनकर रह गई। आईपीएल खत्म हो गया, मगर नगर के खाईवाल अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। Sehore Crime News
विपक्ष की चुप्पी पर सवाल
दिलचस्प बात यह है कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब बीजेपी ने महादेव सट्टा ऐप का मुद्दा जमकर उठाया था। लेकिन अब जब प्रदेश में बीजेपी की ही सरकार है और बुधनी समेत कई इलाकों में सट्टा कारोबार खुलेआम चल रहा है, तो विपक्ष पूरी तरह खामोश है। यह सामाजिक बुराई किसके संरक्षण में पनप रही है, इस पर जनता सवाल उठा रही है।
युवाओं का भविष्य दांव पर
इस अवैध कारोबार का सबसे बुरा असर युवाओं पर पड़ रहा है। कई युवा जुएं और सट्टे की लत में अपनी पढ़ाई और करियर बर्बाद कर रहे हैं। परिवारिक कलह, कर्ज और सामाजिक बदनामी जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारी और नेता इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। Sehore Crime News
बड़ा सवाल: कब होगी सख्त कार्रवाई?
बुधनी नगर में जिस तरह जुएं और सट्टे का धंधा परवान चढ़ रहा है, उससे यह साफ है कि पुलिस की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। अब सवाल यह है कि क्या जिले के आला पुलिस अधिकारी इस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे या फिर यह कारोबार यूं ही युवाओं के भविष्य को बर्बाद करता रहेगा। Sehore Crime News
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