रविशंकर सीनी पवई (पन्ना): Safai Mitra strike नगर परिषद पवई में शनिवार का दिन सफाई व्यवस्था के पूरी तरह ठप रहने के कारण आम लोगों के लिए परेशानी भरा रहा। सफाई मित्रों की हड़ताल के चलते पूरे नगर में कचरे के ढेर लग गए और गलियां अस्वच्छ नजर आईं। हालांकि शाम को मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) के आश्वासन के बाद सफाई कर्मियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी और देर शाम से सफाई का काम फिर शुरू हो गया।
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कैसे शुरू हुई हड़ताल
दरअसल, नगर परिषद पवई में 30 अक्टूबर 2025 को हुई बैठक के दौरान प्रस्ताव क्रमांक 16 पर चर्चा की गई थी। इस चर्चा में सफाई मित्रों की उपस्थिति और कार्य व्यवस्था पर गंभीर मुद्दे उठे। Safai Mitra strike
बैठक में सीएमओ विनीत नगायच ने बताया कि कुछ सफाई कर्मियों की लगातार अनुपस्थिति की शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद यह बात सही पाई गई कि कई सफाई कर्मी बिना सूचना के अनुपस्थित रहते हैं। Safai Mitra strike
इसके बाद परिषद ने सर्वसम्मति से 11 सफाई कर्मियों को सेवा से हटाने का निर्णय लिया।
जिन सफाई मित्रों को हटाया गया, उनके नाम हैं — गोविंदा पिता चिरोंजी लाल बाल्मीकि, कैलाश पिता गिरधारी बाल्मीकि, रम्मू पिता हरिया बाल्मीकि, अमित पिता चिरोंजी बाल्मीकि, रोहित पिता अशोक बाल्मीकि, सोनू पिता पंचम बाल्मीकि, वाल्मीकि पिता लखन बाल्मीकि, आशीष पिता कढोरी बाल्मीकि, दिप्पू पिता लखन बाल्मीकि, सौरभ पिता महेंद्र बाल्मीकि और अनीश पिता कढोरी बाल्मीकि।
ईपीएफ की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध
इन कर्मियों की सेवा समाप्त किए जाने के बाद शनिवार की सुबह करीब पांच बजे सभी सफाई मित्रों ने काम बंद कर दिया और नगर परिषद परिसर में धरना देना शुरू कर दिया। Safai Mitra strike
सफाई मित्र संघ के अध्यक्ष महेंद्र बाल्मीकि ने बताया कि “कुछ दिन पहले हमने परिषद अध्यक्ष से अपने ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) की मांग रखी थी, लेकिन हमारी मांग को दबाने के लिए 11 कर्मियों को हटाने का फैसला लिया गया। यह नाइंसाफी है।”
धरने के दौरान सफाई कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए परिषद प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। हड़ताल के कारण नगर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और गलियों में दिनभर कचरे के ढेर लगे रहे। लोग दुर्गंध और गंदगी से परेशान नजर आए। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की। Safai Mitra strike
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शाम को हुआ समाधान, फिर शुरू हुआ काम
लगातार बढ़ती गंदगी और लोगों की परेशानी को देखते हुए शाम करीब चार बजे मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनीत नगायच खुद परिषद पहुंचे और सफाई मित्रों से बातचीत की।
उन्होंने सभी हड़ताली कर्मियों से शांति बनाए रखने की अपील की और यह आश्वासन दिया कि हटाए गए सफाई कर्मियों को अस्थायी रूप से कार्य पर वापस लिया जाएगा। Safai Mitra strike
सीएमओ के आश्वासन के बाद सफाई मित्रों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। देर शाम से सफाई कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई का कार्य दोबारा शुरू कर दिए।
अध्यक्ष बोले – लापरवाही बर्दाश्त नहीं
नगर परिषद अध्यक्ष बसंत ने बताया कि कई सफाई मित्र बार-बार बिना सूचना के छुट्टी पर चले जाते हैं और अपने कार्य में लापरवाही बरतते हैं। Safai Mitra strike
उन्होंने कहा, “परिषद में कुल 30 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 57 सफाई मित्र कार्यरत हैं। इनमें से 8 नियमित कर्मचारी हैं और 49 दैनिक वेतनभोगी। ऐसे में काम के प्रति लापरवाही बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। जो कर्मचारी अपने कार्य में ईमानदारी दिखाएंगे, उन्हीं को प्राथमिकता दी जाएगी।”
स्थानीय लोगों ने जताई राहत
हड़ताल खत्म होने और सफाई कार्य दोबारा शुरू होने के बाद नगर के लोगों ने राहत की सांस ली। बाजारों और गलियों से कचरा उठाया गया, जिससे दुर्गंध और गंदगी की स्थिति कुछ हद तक सुधर गई। Safai Mitra strike
स्थानीय व्यापारी और नागरिकों ने सफाई मित्रों और प्रशासन दोनों से आपसी समन्वय बनाकर आगे भी स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
पवई में सफाई मित्रों की इस हड़ताल ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि नगर निकायों में श्रमिकों की समस्याएं कब सुलझेंगी। समय पर वेतन, ईपीएफ और कार्यस्थल की स्थिरता जैसी बुनियादी मांगें आज भी कई जगहों पर पूरी नहीं हो रही हैं। उम्मीद है कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर आगे बेहतर संवाद और पारदर्शिता के साथ काम करेगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। Safai Mitra strike