सिलवानी तहसील (silwani tehsil) के बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan ) आगामी 3 अगस्त 2025, रविवार को सिलवानी के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे। यह दौरा केंद्र सरकार की संवेदनशीलता और जमीनी स्तर पर मदद पहुंचाने की गंभीरता को दर्शाता है। ( Shivraj Singh will visit flood affected villages )
सुबह 11 बजे से दौरे की शुरुआत
शिवराज सिंह चौहान रविवार सुबह 11 बजे स्मार्टसिटी (भोपाल) से रवाना होंगे। इसके बाद वे सबसे पहले ग्राम बम्होरी पहुंचेंगे, जहाँ वे बाढ़ के प्रभावों का जायजा लेंगे। इसके बाद वे सिलवानी विधानसभा क्षेत्र के अन्य प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से पडरिया जोड़, वर्धा-बम्होरी जोड़ और साईंखेड़ा जोड़ शामिल हैं।
हर स्थान पर वे करीब 20 से 40 मिनट रुककर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करेंगे और राहत व पुनर्वास कार्यों की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
शाम 4 बजे पहुंचेंगे सिलवानी, 5 बजे होंगे रवाना
निरीक्षण के क्रम में सायं 4 बजे केंद्रीय मंत्री सिलवानी पहुंचेंगे। यहां भी वे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं जानेंगे और संबंधित अधिकारियों से राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी लेंगे। शाम 5 बजे वे सिलवानी से वापस भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।
बाढ़ से हालात गंभीर, ग्रामीणों को राहत की उम्मीद
गौरतलब है कि बीते दिनों सिलवानी तहसील और आसपास के कई गांवों में लगातार तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। ऐसी परिस्थिति में केंद्रीय कृषि मंत्री का यह दौरा ग्रामीणों के लिए आशा की किरण लेकर आया है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि मंत्री के दौरे के बाद केंद्र से राहत राशि, फसल मुआवजा, और पुनर्वास योजनाओं को लेकर जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासनिक तैयारी जोरों पर
केंद्रीय मंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। संबंधित तहसील और ब्लॉक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दौरे से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। गांवों में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, और बाढ़ की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, राहत शिविरों और पुनर्वास केंद्रों की स्थिति का भी दोबारा मूल्यांकन किया जा रहा है।
जमीनी हालात जानना प्राथमिकता
शिवराज सिंह चौहान कई बार अपने बयानों में कह चुके हैं कि “सरकार सिर्फ बैठकों से नहीं, जमीनी हकीकत से चलती है।” इस दौरे के माध्यम से वे व्यक्तिगत रूप से लोगों की तकलीफें सुनेंगे और उस आधार पर केंद्र व राज्य सरकार से राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की कोशिश करेंगे।