रायसेन को जल्द मिलेगी बड़ी सौगात, 10 अगस्त को राजनाथ सिंह करेंगे रेल कोच फैक्ट्री का भूमिपूजन स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, 1800 करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक यूनिट
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रायसेन जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को जिले में बनने जा रही रेल कोच निर्माण इकाई का शिलान्यास करने आ रहे हैं। यह फैक्ट्री गौहरगंज तहसील के ग्राम उमरिया में स्थापित की जा रही है, जिसमें करीब 1800 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना से रायसेन समेत आसपास के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्र का आर्थिक विकास भी तेज होगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में बीईएमएल लिमिटेड बैंगलुरु के शीर्ष अधिकारियों ने मुलाकात की। इस दौरान चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शांतनु रॉय, निदेशक रेल एवं मेट्रो राजीव गुप्ता, महाप्रबंधक चंद्रशेखर, और ईडी ओ.पी. सिंह ने मुख्यमंत्री को परियोजना से जुड़ी तमाम जानकारियां दीं।
अत्याधुनिक तकनीक से बनेगी रेल कोच फैक्ट्री
बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) द्वारा तैयार की जा रही यह यूनिट अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी, जिसमें उन्नत किस्म के रेल कोच तैयार किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस फैक्ट्री की स्थापना के लिए राज्य सरकार, रायसेन जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर तैयारियां की जा रही हैं।
1575 लोगों को मिलेगा रोजगार
इस फैक्ट्री के शुरू होने से लगभग 1575 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। साथ ही, परियोजना के लिए आवंटित भूमि को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स और परिवहन की सुविधा और बेहतर हो सके।
मुख्यमंत्री ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीईएमएल अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह यूनिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार निवेश बढ़ रहा है और अलग-अलग सेक्टरों में बड़ी कंपनियों की दिलचस्पी से यह साबित होता है कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रेल कोच निर्माण इकाई से न सिर्फ स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि इससे पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और नवीन अवसरों का सृजन होगा।
इस मुलाकात के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने परियोजना से संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक जानकारियों को साझा किया।
रायसेन के लिए क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
रायसेन जिले को अब तक खेती और पर्यटन के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह जिला उद्योगिकरण की दिशा में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। रेल कोच निर्माण जैसी बड़ी परियोजना से यहां इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों, रोजगार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नई जान आएगी। साथ ही यह मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में मजबूत बनाएगा।