दमोह poisonous water incident जिले में गुरुवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के टौरी गांव स्थित शासकीय मिडिल स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा सातवीं की दो छात्राओं की हालत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि दोनों छात्राओं ने क्लास में बैठते समय अपनी बोतल का पानी पीया था, जिसके तुरंत बाद उन्हें उल्टियां होने लगीं। स्थिति गंभीर देखते हुए शिक्षकों ने तत्काल दोनों छात्राओं को जिला अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज जारी है।
Table of Contents
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं और शिक्षा विभाग के डीपीसी को जांच सौंपी है।
पानी में मिला जहरीला पदार्थ? छात्राओं का आरोप
अस्पताल में भर्ती छात्राओं ने बताया कि उन्होंने जो पानी पिया, उसमें किसी अज्ञात व्यक्ति ने कोई जहरीला पदार्थ मिला दिया था। पानी की बोतल में झाग जैसा पदार्थ ऊपर दिखाई दे रहा था। उन्होंने जैसे ही वह पानी पिया, कुछ ही देर में उल्टियां होने लगीं और शरीर में कमजोरी महसूस होने लगी। साथी छात्राओं ने जब यह देखा तो तुरंत शिक्षकों को सूचित किया।
शिक्षकों ने बिना देर किए छात्रावास की वार्डन को जानकारी दी, जिसके बाद वार्डन ने एंबुलेंस बुलवाकर दोनों बच्चियों को जिला अस्पताल भिजवाया। फिलहाल दोनों छात्राओं की हालत स्थिर बताई जा रही है। poisonous water incident
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, कहा—”पहले भी हुआ था ऐसा”
छात्राओं के परिजनों ने इस घटना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल की वार्डन और शिक्षकों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है, और इस विवाद की आग में उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। परिजनों ने यह भी दावा किया कि पिछले साल भी उनकी बच्ची को इसी तरह जहरीला पदार्थ पिलाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में पूरी सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। poisonous water incident
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
एक परिजन ने कहा, “अगर स्कूल में बच्चों की सुरक्षा ही नहीं है तो फिर वे पढ़ाई कैसे करेंगे? हमने अपनी बच्चियों को पढ़ने भेजा है, जान जोखिम में डालने नहीं।” poisonous water incident
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों छात्राओं का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है और अब उनकी हालत सामान्य है। poisonous water incident
कलेक्टर ने डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक) को मौके पर जाकर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि 48 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
साथ ही, कलेक्टर ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए ताकि जांच के माध्यम से यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस घटना के पीछे कौन जिम्मेदार है। poisonous water incident
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन पर सवाल
इस घटना के बाद टौरी गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर स्कूल में इस तरह की घटना हो सकती है तो बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठता है। लोगों ने प्रशासन से स्कूल और छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है। poisonous water incident
गांव के कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि छात्रावास में सुरक्षा और निगरानी की कमी है, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से प्रवेश कर सकता है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर है कि आखिर जहरीला पदार्थ बोतल में कैसे मिला और इसके पीछे किसका हाथ था। poisonous water incident
जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में कोई लापरवाही या साजिश सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। poisonous water incident
वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों छात्राओं की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है ताकि किसी तरह की परेशानी दोबारा न हो।
इस घटना ने जिलेभर में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि जांच में कौन से नए खुलासे सामने आते हैं और दोषियों को कब तक सजा मिलती है। poisonous water incident