विशंकर सोनी, पन्ना/पवई – Old Pension Scheme देशभर में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज़ होता जा रहा है। इसी कड़ी में पन्ना जिले के पवई में आजाद अध्यापक संघ की जिला इकाई के बैनर तले शिक्षकों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मां कलेही प्रांगण में हुई, जिसमें जिले के सैकड़ों शिक्षक उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मां कलेही के आशीर्वाद से हुई और पूरे वातावरण में एकता और संघर्ष का जोश देखने को मिला। Old Pension Scheme
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 9 नवंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली राष्ट्रव्यापी रैली में पन्ना जिले से अधिकतम शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। बैठक की अध्यक्षता आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष विद्याचरण शर्मा ने की, वहीं विकासखंड अकादमिक समन्वयक रघुवीर तिवारी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भरत कुमार पाठक ने किया। Old Pension Scheme
अपने संबोधन में रघुवीर तिवारी ने कहा कि “पुरानी पेंशन कोई सुविधा नहीं बल्कि यह हर सरकारी कर्मचारी का अधिकार है, जिसने अपने जीवन का सबसे सुनहरा समय राष्ट्र निर्माण में समर्पित किया है।” उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि इस अधिकार की पुनर्प्राप्ति के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब कर्मशील वर्ग को एक मंच पर आकर अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी।
जिलाध्यक्ष विद्याचरण शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। दिल्ली की रैली में पन्ना जिले के शिक्षकों की बड़ी उपस्थिति से यह आंदोलन नई दिशा और ऊर्जा पाएगा। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें ताकि सरकार तक शिक्षकों की एकजुट आवाज पहुंचे। Old Pension Scheme
बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि पन्ना जिले से सबसे अधिक शिक्षक प्रतिनिधित्व दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए एक संयोजन समिति का गठन भी किया गया, जिसमें भरत कुमार पाठक को आजाद अध्यापक संघ पवई का ब्लॉक संयोजक नियुक्त किया गया। समिति का काम दिल्ली रैली की तैयारी, यात्रा समन्वय और संपर्क अभियान को आगे बढ़ाना होगा।
इस अवसर पर लोकपाल सेन, मीना तिवारी, रिचा दुबे, त्रिवेणी द्विवेदी, विश्वप्रताप चौरसिया, ओमप्रकाश बाजपेई, रामऔतार वर्मा, राजेन्द्र प्रसाद बागरी, विवेक सिंह, रामप्रताप सिंगरौल, राजेश कुमार पाठक, रामसेवक चौधरी, उमेश कुमार पाठक, रामनरेश मिश्रा और रामाधार चौरसिया सहित जिले के कई वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। Old Pension Scheme
बैठक के अंत में शिक्षकों ने एकजुट होकर हाथ उठाकर नारा लगाया –
“पुरानी पेंशन बहाल करो, कर्मवीरों को न्याय दो!”
कार्यक्रम के दौरान यह भी तय हुआ कि आने वाले दिनों में जिले के सभी ब्लॉकों में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि दिल्ली रैली में अधिक से अधिक शिक्षक शामिल हो सकें। इसके तहत पवई से लेकर अजयगढ़, गुनौर और देवेंद्रनगर तक रथ अभियान और शिक्षकों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। Old Pension Scheme
शिक्षकों का कहना था कि नई पेंशन योजना (NPS) से उन्हें भविष्य की आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल रही। 30–35 वर्षों तक सेवा देने के बाद भी बुजुर्गावस्था में स्थिर पेंशन न मिलना अन्यायपूर्ण है। इसलिए OPS की बहाली न केवल कर्मचारियों के हित में बल्कि समाज के संतुलन और सम्मानजनक जीवन के लिए भी आवश्यक है। Old Pension Scheme
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
आंदोलन की इस लहर में अब युवा शिक्षक भी आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं। पवई में हुई इस बैठक ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि प्रदेशभर के शिक्षक पुरानी पेंशन के मुद्दे पर किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब सबकी निगाहें 9 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली उस ऐतिहासिक रैली पर टिकी हैं, जो सरकार को शिक्षकों की एकजुट आवाज सुनाने का मंच बनेगी। Old Pension Scheme
बैठक के समापन पर जिलाध्यक्ष शर्मा ने कहा –
“यह आंदोलन केवल पेंशन के लिए नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा के लिए है। जब तक पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं होती, तब तक यह संघर्ष थमेगा नहीं।”
इस संकल्प के साथ शिक्षकों ने मां कलेही प्रांगण से नई ऊर्जा और दृढ़ विश्वास के साथ दिल्ली रैली की तैयारियों की शुरुआत की।