मध्य प्रदेश के Khandwa जिले में कलेक्टर कार्यालय में एक ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर अफसर भी हैरान रह गए। यहां एक नेत्रहीन भिखारी अपनी दो पत्नियों को लेकर जिला कलेक्टर से मिलने पहुंचा और गुहार लगाई कि दोनों पत्नियों को साथ में रखने की इजाजत दिला दी जाए।
नेत्रहीन युवक का नाम शफीक शेख है, जो खरगोन जिले के भगवपुरा इलाके का रहने वाला है। शफीक ट्रेनों में सामान बेचने और भीख मांगकर किसी तरह से अपना और अपने परिवार का पेट पालता है। शफीक की दो पत्नियां हैं — पहली पत्नी शबाना और दूसरी पत्नी फैमिदा। दोनों ही नेत्रहीन हैं।
दोनों बीवियों के झगड़े से परेशान शफीक
शफीक का कहना है कि उसकी दोनों पत्नियां आपस में झगड़ती रहती हैं और एक साथ नहीं रहना चाहतीं। कभी पहली पत्नी पुलिस के पास जाकर शिकायत कर देती है तो कभी दूसरी पत्नी इंदौर के थाने में मामला दर्ज करा देती है। दोनों ही इस शर्त पर साथ रहना चाहती हैं कि शफीक दूसरी को छोड़ दे। लेकिन शफीक खुद दोनों के साथ रहना चाहता है और किसी एक को भी छोड़ना नहीं चाहता।
पहली पत्नी से है एक बेटी
शफीक ने बताया कि साल 2022 में उसने खंडवा निवासी शबाना से निकाह किया था, जो उसकी तरह ही नेत्रहीन है। इस शादी से उनकी एक बेटी भी है। शुरुआत में शबाना के परिजन उसे अपने घर ले गए लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने शफीक के साथ बुरा बर्ताव शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर शफीक शबाना को लेकर अपने घर लौट आया।
फिर की दूसरी शादी
इसके कुछ समय बाद शफीक ने इंदौर की रहने वाली एक और नेत्रहीन महिला फैमिदा से निकाह कर लिया। इसके बाद से दोनों पत्नियों के बीच तनाव बढ़ गया। पहली पत्नी शबाना नाराज होकर मायके चली गई और अब वापस आने को तैयार नहीं है। दोनों पत्नियां कहती हैं कि या तो वह शफीक के साथ अकेले रहेंगी या फिर उसे छोड़ देंगी।
कलेक्टर से लगाई भावुक गुहार
इन हालातों से परेशान होकर शफीक अपनी दोनों पत्नियों के साथ खंडवा कलेक्टर ऑफिस पहुंचा और जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता से गुहार लगाई कि वह दोनों महिलाओं को समझाएं ताकि वे मिल-जुलकर साथ रह सकें। शफीक का कहना है कि वह दोनों पत्नियों को छोड़ना नहीं चाहता, बल्कि चाहता है कि सभी एक परिवार की तरह साथ रहें।
प्रशासन ने उठाया यह कदम
जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लिया लेकिन चूंकि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा था, इसलिए उन्होंने इसे महिला एवं बाल विकास विभाग और महिला थाना को सौंप दिया है ताकि दोनों पत्नियों की काउंसलिंग की जा सके और समाधान निकाला जा सके।
सामाजिक मीडिया पर मामला हो रहा वायरल
इस मामले की चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है। कुछ लोग इसे एक भावनात्मक मामला बता रहे हैं, तो कुछ इसे कानून और सामाजिक नियमों के लिहाज से जटिल बता रहे हैं। हालांकि, लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है लेकिन यह मामला जरूर सोचने पर मजबूर करता है कि रिश्तों में समझदारी और सामंजस्य कितना जरूरी है।