रविवार का दिन देवरी के लिए काफी व्यस्त रहा, जब मध्य प्रदेश सरकार के राज्य स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सुबह 11 बजे देवरी पहुँचे. उन्होंने सबसे पहले श्री राम जानकी मंदिर में बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ सुनी, और फिर कार्यकर्ताओं से खुलकर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ आम लोगों की समस्याएँ सुनीं, बल्कि 14 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बन रहे सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया.
‘मन की बात’ से शुरू हुआ दिन, कार्यकर्ताओं से भी मिले
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सुबह 11 बजे ही देवरी मंडल के राम जानकी मंदिर पहुँच गए थे. उनके साथ उदयपुरा मंडल के कई बड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद थे. देवरी नगर परिषद के सभी कर्मचारी, पार्षद, मंडल अध्यक्ष सुनील लोधी और क्षेत्र के कार्यकर्ता भी इस मौके पर उपस्थित रहे. सभी ने एक साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ सुनी.
कार्यक्रम खत्म होने के बाद मंत्री पटेल ने कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत की. उन्होंने उनकी समस्याएँ सुनीं और कई समस्याओं का समाधान तो मौके पर ही कर दिया, अधिकारियों को तुरंत ज़रूरी दिशा-निर्देश भी दिए. यह कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा मौका था, जब वे अपनी बात सीधे मंत्री तक पहुँचा सके.
सड़क की समस्या पर तुरंत कार्रवाई
ग्राम रम्पुरा रिछावर से आए कुछ ग्रामीणों ने अपनी सड़क की समस्या बताई. उनका कहना था कि सड़क खराब होने की वजह से बच्चों को स्कूल पहुँचने में दिक्कत हो रही है. मंत्री पटेल ने उनकी बात सुनी और तुरंत नगर परिषद सीएमओ जगदीश शर्मा को निर्देश दिया कि सड़क को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए ताकि बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी न हो. यह दिखाता है कि मंत्री जमीनी स्तर की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और तुरंत समाधान चाहते हैं.
निर्माणाधीन अस्पताल का औचक निरीक्षण: भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्त हुए मंत्री
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के दौरे का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला हिस्सा था 14 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बन रहे नए सरकारी अस्पताल का अचानक निरीक्षण. उन्हें पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं कि ये नया अस्पताल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है. लोगों का कहना था कि अस्पताल की छत अभी बनी ही है और पहली ही बरसात में टपकने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल उठ रहे थे.
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, मंत्री पटेल अपने काफिले के साथ सीधे निर्माणाधीन अस्पताल पहुँचे. वहाँ उन्होंने बारीकी से हर चीज का निरीक्षण किया. इस अचानक जाँच से वहाँ मौजूद अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया. मंत्री ने मौके पर ही कर्मचारियों और ठेकेदार को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिए और साफ कहा कि “अगर इस प्रकार की बात है तो जो भी इसमें दोषी होगा उसको छोड़ा नहीं जाएगा, सब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.” उनकी ये चेतावनी साफ बताती है कि वे गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं चाहते और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे.
‘नशा मुक्त जीवन’ की शपथ
अपने दौरे के आखिर में, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने श्री राम जानकी मंदिर में उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस महीने चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति अभियान’ में सभी को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और अपने जीवन से नशे को हमेशा के लिए अलविदा कहना चाहिए. उन्होंने समझाया कि नशा जीवन को बर्बाद कर देता है, इसलिए सभी को इससे दूर रहना चाहिए. यह संदेश समाज के लिए बेहद ज़रूरी है, खासकर युवाओं के लिए.
मंत्री का यह दौरा देवरी के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा, जहाँ उन्होंने न सिर्फ लोगों की समस्याएँ सुनीं बल्कि सरकार की योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर भी गंभीरता दिखाई.