अनूपपुर। (heart touching scene) कहते हैं कि “मां” शब्द अपने आप में ममता, प्रेम और त्याग का सबसे बड़ा प्रतीक है — चाहे वह इंसान हो या कोई जानवर। अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम के पास किरण घाटी में जो दृश्य लोगों ने देखा, उसने हर किसी का दिल पिघला दिया। यहां एक बंदरिया अपने मृत बच्चे को सीने से लगाए घंटों तक भटकती रही। उसका यह मातृत्व प्रेम देखकर वहां से गुजरने वाले हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
मामला राजेन्द्रग्राम-अमरकंटक मार्ग का है। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात वाहन की ठोकर से एक नन्हे बंदर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के कुछ देर बाद उसकी मां वहां पहुंची और अपने मासूम को सीने से लगाकर बैठ गई। वह जैसे मानने को तैयार ही नहीं थी कि उसका लाडला अब इस दुनिया में नहीं रहा। कभी वह उसे गोद में लेकर सड़क किनारे बैठती, तो कभी आसपास घूमकर उसकी सांसें वापस लाने की कोशिश करती। (heart touching scene)
राहगीरों ने बताया कि बंदरिया बार-बार अपने बच्चे को झकझोरती, उसके मुंह को चूमती और फिर धीरे-धीरे उसे सीने से लगा लेती। कुछ लोगों ने उसे केले के टुकड़े खिलाने की कोशिश की, तो वह खुद तो थोड़ा खाती, मगर फिर वही टुकड़ा अपने मृत बच्चे के मुंह के पास ले जाकर रखने की कोशिश करती — मानो कह रही हो “खा बेटा, तू ठीक हो जाएगा।” (heart touching scene)
यह दृश्य इतना भावुक था कि राहगीरों की आंखों से आंसू निकल आए। कई लोगों ने अपने मोबाइल से यह दृश्य रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। कुछ ही घंटों में वीडियो वायरल हो गया। लोग इसे “मां की ममता का सबसे सच्चा रूप” बता रहे हैं। (heart touching scene)
वीडियो में देखा जा सकता है कि बंदरिया कभी अपने बच्चे को उठाकर पेड़ की डाल पर ले जाती है, तो कभी सड़क किनारे बैठकर उसे थपकियां देती है। आसपास के लोगों का कहना है कि वह कई घंटों तक अपने बच्चे को लेकर उसी जगह पर मंडराती रही। आखिर में थककर वह उसे सीने से लगाए जंगल की ओर चली गई। (heart touching scene)
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ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब जानवरों में इस तरह की ममता देखने को मिली हो। इससे पहले भी कई बार देखा गया है कि कोई गाय, कुतिया या पक्षी अपने बच्चे की मौत के बाद लंबे समय तक उसके पास ही बैठा रहता है। लेकिन इस घटना ने इंसानियत को भी झकझोर कर रख दिया है। (heart touching scene)
एक राहगीर ने भावुक होते हुए कहा, “जिस तरह वह बंदरिया अपने बच्चे को गले लगाए थी, वह दृश्य देखकर किसी का भी दिल पिघल जाए। इंसानों के बीच जहां रिश्ते कभी-कभी स्वार्थ के कारण टूट जाते हैं, वहीं यह बेजुबान मां ममता का असली अर्थ समझा रही थी।” (heart touching scene)
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने लिखा — “यह दृश्य बता रहा है कि ममता की कोई सीमा नहीं होती।” वहीं किसी ने कहा — “जो इंसान यह वीडियो देखकर भावुक नहीं हुआ, उसके दिल में ममता नहीं है।” (heart touching scene)
वहीं वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने भी बताया कि सड़क पर आवागमन के दौरान जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम-अमरकंटक मार्ग पर अक्सर बंदरों का झुंड सड़क पार करते देखा जाता है। ऐसे में वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे गति सीमित रखें और सतर्कता से ड्राइव करें। (heart touching scene)
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मां का प्यार सबसे बड़ा होता है। चाहे इंसान की मां हो या जानवर की — उसका स्नेह, उसकी ममता और अपने बच्चे के प्रति समर्पण असीम होता है। किरण घाटी की वह बंदरिया अब सोशल मीडिया पर “ममता की मिसाल” बन गई है। लोग कह रहे हैं कि यह दृश्य देखकर शायद इंसान भी अपने भीतर झांक सके, जहां रिश्तों की अहमियत धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। (heart touching scene)
इस वीडियो ने लाखों दिलों को झकझोर दिया है और एक बार फिर याद दिलाया है कि “मां” शब्द केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि एक भावना है, जो हर प्रजाति में समान रूप से मौजूद है। (heart touching scene)