सय्यद आफताब अली शाजापुर । जिले के सतगांव में शुक्रवार रात को रामदेव जी के भंडारे के दौरान भजन बजाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब पंडाल में बैठे लोगों पर गांव के ही कुछ युवकों ने पथराव कर दिया। इस घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष देर रात लालघाटी थाने पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी सतगांव में बाबा रामदेव जी के भंडारे का आयोजन चल रहा है। इसमें प्रतिदिन रात्रि भजन संध्या होती है, लेकिन शुक्रवार की रात गांव के लोहार समाज के कुछ युवकों ने भजनों पर आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि भजन बजने को लेकर विवाद शुरू हुआ, और देखते ही देखते माहौल गर्मा गया। आरोप है कि इन युवकों ने भजन बंद करवाने की कोशिश की और फिर पंडाल पर पत्थर फेंक दिए।
पंडाल में मौजूद लोगों ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गांववालों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन जब तक लालघाटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया। लोगों में गुस्सा इस कदर था कि रात करीब 11 बजे बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं और पुरुष लालघाटी थाने पहुंच गए। उन्होंने थाने के बाहर धरना देना शुरू कर दिया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
धरना स्थल पर आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश गोयल भी पहुंचे और ग्रामीणों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर मामले को टाल रही है और आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है। इस पर लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब दो घंटे तक चले इस धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे एसडीओपी ने लोगों से बातचीत की और भरोसा दिलाया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही लोगों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ और वे अपने घर लौटे।
पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बाबा रामदेव जी के भंडारे और भजन की परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसे कुछ असामाजिक तत्व खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा ना हों।