हमारे समाज को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए चल रहे अभियान में अब पुलिस और कॉलेज के छात्र भी कंधे से कंधा मिलाकर उतर आए हैं! करेली में आज एक ऐसा ही शानदार नज़ारा देखने को मिला, जब करेली थाना प्रभारी प्रियंका केवट और उनकी टीम ने महात्मा गांधी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) इकाई के साथ मिलकर नशामुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाया. ये अभियान करेली के मुख्य प्रेस चौराहे पर हुआ, जहाँ महाविद्यालय के रासेयो स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक के ज़रिए लोगों को नशे के ख़िलाफ़ एक दमदार संदेश दिया.
नुक्कड़ नाटक का जादू और पुलिस का साथ
कल्पना कीजिए! चौराहे पर लोगों की भीड़ जमा है. अचानक कुछ युवा कलाकार आते हैं और अपनी दमदार अदाकारी से नशे की बुराइयों को दिखाते हैं—कैसे नशा एक इंसान को अंदर से खोखला कर देता है, परिवार टूटते हैं और समाज पर बुरा असर पड़ता है. ये नुक्कड़ नाटक इतना असरदार था कि वहाँ मौजूद हर कोई सोचने पर मजबूर हो गया. इन युवा स्वयंसेवकों ने अपनी कला के ज़रिए “नशा न करने” का सीधा और सच्चा संदेश दिया.
Table of Contents
इस अभियान में थाना प्रभारी प्रियंका केवट ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने बताया कि ज़िला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पूरे ज़िले में लगातार नशामुक्ति अभियान चल रहा है. ये दिखाता है कि पुलिस कितनी गंभीरता से इस सामाजिक बुराई से लड़ रही है.
“नशा तोड़ देता है इंसान को!” – थाना प्रभारी प्रियंका केवट
कार्यक्रम में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए नगर निरीक्षक प्रियंका केवट ने बहुत ही मार्मिक बात कही. उन्होंने कहा,
“नशा व्यक्ति को सिर्फ़ शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी तोड़ देता है. हमें युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की ज़रूरत है.”
उनकी ये बात वाकई दिल को छू गई. जब एक पुलिस अधिकारी खुद सामने आकर समाज को जागरूक करता है, तो उसका असर और भी गहरा होता है. थाना टीम के दूसरे अफ़सरों ने भी छात्रों के जोश और लगन की खूब तारीफ़ की और भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को पूरा समर्थन मिलेगा. ये दिखाता है कि जब पुलिस और युवा मिलकर काम करें, तो कुछ भी मुमकिन है!
प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ का संकल्प और हमारी ज़िम्मेदारी
महाविद्यालय के उप-प्राचार्य डॉ. ए. के. वाजपेयी ने भी सभा को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2020 से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक मंत्रालय के अंतर्गत ‘नशा उन्मूलन’ का अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने सभी देशवासियों से अपील की कि हम सब अपने आस-पास, अपने नगर और ज़िले को नशामुक्त करने का संकल्प लें. उन्होंने कहा कि ऐसा करके ही हम प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत’ की कल्पना को साकार करने में अपना योगदान दे सकते हैं और एक सच्चे नागरिक का फ़र्ज़ निभा सकते हैं.
कार्यक्रम के आख़िर में, उप-प्राचार्य डॉ. ए. के. वाजपेयी ने प्रेस चौराहे पर मौजूद सभी नागरिकों को महाविद्यालय के रासेयो स्वयंसेवकों के साथ ‘नशा न करने’ की शपथ दिलाई. ये एक बहुत ही शक्तिशाली पल था, जब सैकड़ों लोगों ने एक साथ नशा छोड़ने और समाज को नशामुक्त बनाने का प्रण लिया.
कौन-कौन रहा इस नेक पहल का हिस्सा?
इस महत्वपूर्ण अभियान में नगर पुलिस निरीक्षक प्रियंका केवट और थाना स्टाफ़ के अलावा कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए. इनमें आदर्श शिक्षण समिति के सचिव संजीव खजांची, कला संकाय विभागाध्यक्ष डॉ. गजानन मिश्रा, रासेयो पुरुष इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजीव चौबे, और महिला इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रानू ठाकुर प्रमुख थे. इनके साथ ही, महाविद्यालय के प्राध्यापक, शहर के वरिष्ठ नागरिक, सम्मानित पत्रकार, और रासेयो के स्वयंसेवक भी इस अभियान का हिस्सा बने. इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह बताती है कि समाज नशे के ख़िलाफ़ कितना एकजुट है.
यह अभियान सिर्फ़ एक दिन का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक उम्मीद की किरण है कि अगर पुलिस, शिक्षण संस्थान और नागरिक मिलकर काम करें, तो हम निश्चित रूप से एक नशामुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं.