आदर्श शिक्षण समिति द्वारा संचालित महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज 26वां कारगिल विजय दिवस बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया. उच्च शिक्षा विभाग और आयुष मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर, महाविद्यालय की एनसीसी इकाई ने भारतीय सेना के जाँबाज़ जवानों की बहादुरी और पराक्रम को याद किया और कारगिल नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर छात्रों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए.
परिचर्चा, विचार गोष्ठी और डॉक्यूमेंट्री फिल्म
कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में, महाविद्यालय में कई तरह के आयोजन हुए. छात्रों के लिए परिचर्चाएँ और विचार गोष्ठियाँ रखी गईं, जहाँ उन्होंने कारगिल युद्ध से जुड़ी घटनाओं और उसके महत्व पर खुलकर बात की. इसके साथ ही, कारगिल विजय से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी छात्रों को दिखाई गई. इन कार्यक्रमों का मकसद था कि युवा पीढ़ी हमारे सैनिकों के बलिदान और वीरता को गहराई से समझ सके.
प्राचार्यों ने दिया देशभक्ति का संदेश
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू. एस. परमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि सभी छात्र देशभक्ति की भावना से भर जाएं और अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से पालन करें. उन्होंने छात्रों से देश सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया.
उपप्राचार्य डॉ. ए. के. वाजपेयी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर 1999 में हुई घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया. उन्होंने भारतीय सैनिकों के पराक्रम, शौर्य और साहस के कई प्रेरणादायक किस्सों का भी ज़िक्र किया. डॉ. वाजपेयी ने छात्रों से कहा कि वे भारत माता की सेवा और राष्ट्र रक्षा के संकल्प को अपने दिल में धारण करें.
कार्यक्रम में हुई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस खास कार्यक्रम में महाविद्यालय के कई वरिष्ठ प्राध्यापक और शिक्षक मौजूद रहे. इनमें कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. गजानन मिश्र, विज्ञान संकाय के अध्यक्ष डॉ. ए. के. अग्रवाल, और वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष डॉ. संजीव चौबे प्रमुख थे. इनके अलावा, महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, एनसीसी के कैडेट्स और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे.
कार्यक्रम का मंच संचालन एनसीसी सीटीओ रामसेवक कुशवाहा ने बहुत ही कुशलता से किया, जबकि सहायक प्राध्यापक प्रदीप दुबे ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया. यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रहा, जिसने उन्हें देश और देश के लिए शहीद हुए जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता महसूस करने का अवसर दिया.
महाविद्यालय का यह प्रयास सराहनीय है, क्योंकि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हैं और उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं.