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डॉ. वीरेन्द्र कुमार सारस्वत बने पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर के नए कुलपति

राज्यपाल रमेन डेका ने प्रोफेसर डॉ. वीरेन्द्र कुमार सारस्वत को पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर का नया कुलपति नियुक्त किया है। वर्तमान में वे डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

On: July 23, 2025 1:25 PM
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रायपुर | 23 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रमेन डेका ने पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर के नए कुलपति की नियुक्ति कर दी है। इस पद के लिए प्रोफेसर डॉ. वीरेन्द्र कुमार सारस्वत को चुना गया है। वे वर्तमान में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

राज्यपाल श्री डेका ने यह नियुक्ति विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 9(1) के तहत की है। पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (संशोधन अधिनियम 2006, 2010 एवं 2019) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया। डॉ. सारस्वत का कार्यकाल, वेतन-भत्ते और सेवा शर्तें विश्वविद्यालय के अधिनियम और परिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार होंगी।

प्रोफेसर डॉ. वीरेन्द्र कुमार सारस्वत का परिचय
डॉ. वीरेन्द्र कुमार सारस्वत शिक्षा के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में कई वर्षों तक शोध एवं शिक्षण कार्य किया है। वे न केवल एक कुशल शिक्षक हैं, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक अनुभव भी बखूबी अर्जित किया है। डॉ. सारस्वत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं।

उनकी गिनती उन शिक्षाविदों में होती है जिन्होंने तकनीकी शिक्षा को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। उनका उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देना रहा है।

विश्वविद्यालय के लिए नई उम्मीद
पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख ओपन यूनिवर्सिटी संस्थान है, जो दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षित कर रहा है। डॉ. सारस्वत की नियुक्ति से विश्वविद्यालय प्रशासन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद की जा रही है।

छात्रों और शिक्षकों में इस नियुक्ति को लेकर उत्साह है। माना जा रहा है कि डॉ. सारस्वत के नेतृत्व में विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को छुएगा। उनके पास तकनीकी और प्रशासनिक दोनों अनुभव हैं, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान को बेहतर दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उच्च शिक्षा में डिजिटल युग का विस्तार
डॉ. सारस्वत की विशेषज्ञता कंप्यूटर साइंस और डिजिटल लर्निंग में होने के कारण यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वे विश्वविद्यालय में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देंगे। ओपन यूनिवर्सिटी मॉडल में डिजिटल शिक्षा का महत्त्व लगातार बढ़ता जा रहा है, और ऐसे में डॉ. सारस्वत की नियुक्ति एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।

राज्यपाल की पहल
राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए समय-समय पर जरूरी फैसले लिए हैं। डॉ. सारस्वत की नियुक्ति को भी इसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम माना जा रहा है। यह नियुक्ति पारदर्शी प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालय अधिनियम में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की गई है।

निष्कर्ष
डॉ. वीरेन्द्र कुमार सारस्वत की कुलपति पद पर नियुक्ति से न केवल पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बल्कि समूचे राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को एक नई दिशा और दृष्टिकोण मिल सकता है। छात्रों को उम्मीद है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल और तकनीकी सुविधाएं और भी बेहतर होंगी।

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