रविशंकर सोनी पवई। Bundelkhand School आदर्श बुंदेलखंड विद्यापीठ हाई स्कूल पवई में शिक्षक दिवस के मौके पर एक भव्य और यादगार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विगत 27 वर्षों से नगर व आसपास के क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले इस स्कूल ने इस बार शिक्षक दिवस को खास अंदाज में मनाया। इस अवसर पर वर्तमान और सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं ने भी बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में पं. रामदुलारे पाठक, जो पूर्व प्राचार्य और भगवताचार्य रह चुके हैं, मौजूद रहे। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश कुमार नगायच (अध्यक्ष बार एसोसिएशन पवई) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष पवई भवानी प्रसाद पटेल और डॉ. धनराज सिंह भदौरिया किशोरी लाल उपाध्याय ने समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के ज्ञान दीप प्रज्ज्वलन और डॉ. राधाकृष्णन की प्रतिमा के पूजन और वंदन से हुई। स्वागत प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव सुख सागर कुंवर ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
इस अवसर पर पवई नगर और आसपास के दस सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन शिक्षकों में लाखन सिंह तोमर, रामभुवन बागरी, जगधारी बागरी, कंधीलाल बागरी, प्रदीप लटौरिया, श्याम बिहारी शुक्ला, ललिता बागरी और मुक्ता बागरी शामिल थे। सभी को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विद्यालय के कार्यरत सभी शिक्षकों को ड्रेस का कपड़ा, पेन और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। Bundelkhand School Bundelkhand School
समारोह में उन छात्रों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने हाल ही में आयोजित परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए। छात्र-छात्राओं ने अपने कला और प्रतिभा का परिचय देते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान शिवेंद्र सागर कुंवर, वेदांत सिंह, अंजली जायसवाल, आंशी राजा, श्रद्धा रिछारिया, अंजना चौधरी, अंजली सिंगरौल और रागिनी राजा ने गीत और उद्बोधन के माध्यम से अपने शिक्षकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। Bundelkhand School Bundelkhand School
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विशेष अतिथि बृजेश अर्गल और पं. रामदुलारे पाठक ने अपने सारगर्भित उद्बोधनों में शिक्षकों के महत्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले ही नहीं होते, बल्कि जीवन में सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। Bundelkhand School Bundelkhand School
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता सिर्फ एक दिन तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। छात्रों को रोजमर्रा के जीवन में अपने शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा और मूल्यों का पालन करना चाहिए और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। Bundelkhand School Bundelkhand School
कार्यक्रम का संचालन सिद्धार्थ सागर कुंवर ने किया और अंत में सुख सागर कुंवर ने सभी अतिथियों, गुरूजनों और गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल शिक्षकों के प्रति सम्मान दिखाने का माध्यम होते हैं, बल्कि छात्रों में आदर्श शिक्षक के प्रति सम्मान और समाज में नैतिक जिम्मेदारी का भाव भी जागृत करते हैं।
इस भव्य शिक्षक दिवस समारोह ने सभी उपस्थित लोगों के दिलों में एक सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा भर दी। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर उन्हें उनके योगदान के लिए सराहा गया और छात्रों ने शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता का भाव व्यक्त किया। यह आयोजन पवई शहर के शैक्षणिक और सामाजिक जीवन में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद रखा जाएगा।